27 Apr 2021

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रायपुर  : आज स्वास्थ्य मंत्री श्री टी एस सिंहदेव जी ने सिविल लाइन्स स्थित निवास स्थान से वर्चुअल माध्यम से जिलों की कोरोना समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने जिलों में कोरोना संक्रमण की जाँच, पॉजिटिविटी दर और कार्ययोजना की जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी एस सिंहदेव ने सभी जिलों में चिकित्सा उपकरणों और 5 व 10 लीटर ऑक्सीजन कॉनसन्ट्रेटर की विषय में संवाद कर उपयोग में लिए जा रहे उपकरणों की जानकारी ली, इसके उपरांत उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे पॉजिटिव मरीजों की जानकारी लेकर कांटेक्ट ट्रेसिंग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड कोविड अस्पताल और कोविड केयर सेंटर में व्यवस्थाओं में बेहतर प्रबंधन बनाकर मरीजों की ट्रेसिंग जल्द से जल्द करना आवश्यक है, ज्यादातर मरीज देर से अस्पताल पहुंचते हैं जिससे परिस्थिति कठिन हो जाती है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके उपरांत स्वास्थ्य मंत्री श्री टी एस सिंहदेव जी ने सभी जिले के अधिकारियों को कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

27 Apr 2021 01:22PM,
by: Thaneshwar sahu
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 मुझे याद आता है बचपन के वे दिन जब हम लोग शहडोल में रहा करते थे। गर्मी और दीवाली की छुट्टी रायपुर में गुजरती। हमारे गए में पूजा पाठ का प्रचलन नहीं था लेकिन रायपुर आते तो ब्राह्मणपारा स्थित घर दोनों ओर हनुमान का मंदिर हुआ करता था(अभी भी है)।तब से हनुमान जी से परिचय हुआ था। घर मे बड़े चाचा ईश्वर भक्त थे, उनका एक घरेलू मंदिर था जिसमे शिव आराधना हुआ करती थी। यही पर एक रामायण रखी रहती थी। इस रामायण में कुछ चित्र शायद 5-6 रहे होंगे। उसमें एक चित्र था जिसमे सुरसा राक्षसनी के मुँह से हनुमान जी निकलते हुए द्रष्टिगोचर होते थे। पता चला था कि सीता के तलाश मे निकले हनुमान जी की परीक्षा लेने के लिए सुरसा अवरोध बनी थी। मोहल्ले के मंदिर के प्रति आस्था से ज्यादा मिलने वाले प्रसाद की चिंता रहती थी। आभार हनुमान जी का उन्होंने अपने मंदिर से कभी भी खाली हाथ वापस नही भेजा,प्रसाद मिलते रहा। कालेज के जमाने मे अनेक हनुमान भक्तों से संगत हुई जो सालभर पढ़ाई छोड़ सारे गतिविधियों में व्यस्त रहते थे लेकिन परीक्षा का मौसम आते ही मंगल शनि के दिन शाम की आरती में ये बंदे आंख बंद कर किसी वर की पूर्ति के लिए खड़े दिखते। इन्हें कभी भी हनुमान जी से शिकायत नही रही अगर परीक्षा में सप्लीमेंट्री आ गईं तो। बात आई गयी हो गयी। हनुमान जी के बारे में बहुत सी जानकारी एकत्रित होते रही। अंजनि और पवन के पुत्र से लेकर, सुग्रीव के मित्र से लेकर राम भक्त होने से सीता की खोज, लक्ष्मण के लिए संजीवनी की व्यवस्था के बाद, महाभारत काल मे भीम की परीक्षा से लेकर अर्जुन के रथ के पताका में अवलंबन तक जानने का कार्य पूर्ण हो चुका था। हनुमान चालीसा के अलावा सुंदर कांड में हनुमान जी का पाठन आज भी करोड़ो भारतीयों को विश्वास देता है कि संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरत हनुमत बलबीरा। अगर मैं गलत नही हूं तो रामायण का सुंदर कांड और हनुमान चालीसा हर उस भारतीय ने पढ़ा है जिसपर संकट आया हो। एक मिथक है या सच्चाई या प्रमाण जिसमे सदाकाल तक जीवित रहने और कल्कि के आगमन पर उसके स्वागत के लिए हनुमान जी साक्षात है। राम भक्त हनुमान जी

27 Apr 2021 12:19PM,
by: Thaneshwar sahu