30 Jan 2021

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रायपुर : पं. जवाहर लाल नेहरु स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के रेडियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने कमाल कर दिया। उन्होंने एक 65 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति के गैंगरीन के कारण काली पड़ चुकी पैर की अंगुलियों एवं पंजे को कटने से बचा लिया। इस बुजुर्ग के बायें पैर की दो अंगुलियां तो बिल्कुल काली होकर गल चुकी थीं लेकिन समय पर मेकाहारा के रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एस. बी. एस. नेताम के कुशल मार्गदर्शन में इंटरवेंशन रेडियोलॉजिस्ट प्रो. डॉ. विवेक पात्रे ने डी. एस. ए. मशीन के जरिये सुपरफिशियल फीमोरल आर्टरी स्टंटिंग (एस.एफ.ए. स्टंटिंग) करके लगभग 23 सेंटीमीटर तक ब्लॉक हो चुके सुपरफिशियल फीमोरल आर्टरी को खोल कर पैर को सुरक्षित बचा लिया। बिना चीर-फाड़ के हुये इस एस.एफ.ए. स्टंटिंग के बाद पैर में खून की सप्लाई पुनः प्रारंभ हो गई। मरीज की बीमारी को डॉक्टरी भाषा में लेफ्ट सुपरफिशियल फीमोरल आर्टरी थ्राम्बोसिस विद लेफ्ट टो गैंगरीन कहते हैं। बेमेतरा का रहने वाला यह बुजुर्ग अब अपनी समस्या से निजात पाकर घर जाने को तैयार है।

30 Jan 2021 02:31PM,
by: Thaneshwar sahu