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पटना. लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) में चाचा पशुपति कुमार पारस और भतीजा चिराग पासवान के बीच अध्यक्षता की दावेदारी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच सकता है।इस बात की घोषणा स्वयं चिराग पासवान ने ही की है। उन्होंने अपने चाचा पशुपति कुमार पारस के पार्टी अध्यक्ष के चुनाव को खारिज करते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया है और कहा है कि लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा किया जाता है जिसमें लगभग 75 सदस्य होते हैं।जबकि गुरुवार को पटना में हुई लोजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में केवल 9 सदस्य उपस्थित थे। निलंबित सदस्यों ने मेरे चाचा को अध्यक्ष चुना है, जो अवैध है।

18 Jun 2021 02:26PM,
by: Imran Khan