रायपुर

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 छत्तीसगढ़ की राजधानी के नगर निगम चुनाव में महापौर पद के लिए मीनल चौबे एक लाख बावन हजार मतों के अंतर से विजयी हुई।मीनल चौबे, को महापौर पद के लिए भाजपा से टिकट मिलते ही ये तय हो चुका था कि उनकी जीत सुनिश्चित है।चर्चा इस बात की थी उनके जीत का अंतर कितना रहेगा। मीनल चौबे की जीत में उनकी स्वच्छ छवि का बहुत बड़ा योगदान रहा है।वे पिछले पंद्रह साल से नगर निगम क्षेत्र में सक्रिय रही है।उन्हें बधाई। इस जीत की जितनी चर्चा हो रही है उतनी ही चर्चा वर्तमान महापौर एजाज ढेबर के उस वार्ड से पराजय की भी हो रही है जिस वार्ड से उनके पहले के महापौर प्रमोद दुबे की जीते थे। एक महापौर इतना कुख्यात हो जाए कि एक सम्प्रदाय विशेष के वार्ड से भी पार्षद चुनाव जीत न सके तो ये बात भी मन में आती है कि पिछली सरकार ने एजाज ढेबर को रायपुर का महापौर बनाने के लिए प्रत्यक्ष चुनाव पद्धति को बदल कर पार्षदों के माध्यम से चुनाव करवाने का काम किया था। ऐजाज ढेबर के लिए मायूसी का दूसरा सबब ये भी है कि उनकी पत्नी चुनाव जीत गई है।आगे के पूरे पांच साल वे रायपुर सहित देश राज्य में पार्षद पति(PP) के रूप में जाने जायेंगे।जिस व्हाइट हाउस में एजाज ढेबर बीते सालों में बतौर पार्षद और महापौर के रूप में जाया करते थे, वहां हैसियत के रूप में पूर्व महापौर और पराजित पार्षद का ही होगा। महापौर, पार्षद चुनाव हारे!

15 Feb 2025 12:51PM,
by: Babuaa Desk