Imran Khan

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केंद्र सरकार के नए कृषि कानून के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों का विपक्षी दल समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के मुद्दे पर विपक्षी दलों को आड़े हाथ लिया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में कृषि को लेकर क्रांतिकारी कदम उठाया है। केंद्र सरकार जो नया कानून लाई है उसपर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीए एक में 2010- 11 के दौरान शरद पवार ने बतौर कृषि मंत्री APMC में संशोधन की वकालत की थी। आज विरोध करने वाले सभी दल उस वक्त साथ थे। शरद पवार ने सभी राज्यों को पत्र लिखे थे। मुझे आश्चर्य है कि कृषि मंत्री प्रस्ताव ला रहे हों और तब पीएम, यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, राहुल गांधी को इसके बारे में मालूम न हो।सीएम योगी ने कहा कि आज एनसीपी और दूसरे दल इसका विरोध कर रहे हैं। इससे उनका दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। राहुल गांधी ने भी APMC एक्ट में संशोधन करने के पक्षधर रहे हैं और कांग्रेस की हार की वजह बताया था। स्थाई समिति की बैठक में इसपर विस्तृत चर्चा हुई। अकाली दल, सपा, TMC,कांग्रेस सभी ने APMC एक्ट की वकालत की थी।आज वही दल किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

08 Dec 2020 02:00AM,
by: Imran Khan
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज कांग्रेस और एनसीपी इससे कैसे मुकर सकती हैं। विपक्ष के लोग किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर चला रहे हैं। राज्यों के APMC एक्ट में संशोधन करने और मॉडल APMC एक्ट लागू करने की सिफारिश की थी कि कैसे वन नेशन और वन एक्ट लागू किया जाए। लेकिन इससे राजनीतिक दलों का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। हैरानी की बात है कि आम आदमी पार्टी जो संशोधन का नोटिफिकेशन भी जारी कर चुकी है उसने भारत बंद का समर्थन किया है। इनके बयानों में हमेशा अंतर दिखता है। ये विपक्षी दल भोले- भाले किसानों के कंधे का इस्तेमाल कर बंदूक चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मेनिफेस्टो में भी APMC एक्ट का जिक्र है। लेकिन मोदी सरकार किसानों के व्यापक हित में कदम उठाती है तो कांग्रेस जैसे दल इसके खिलाफ खड़े हो जाते। कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दल को यह शोभा नहीं देता कि वह किसानों का इस्तेमाल करे। कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए APMC एक्ट का समर्थन किया और अब विरोध कर रही है। कोरोना काल में किसानों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन विपक्षी दलों को माफी मांगना चाहिए जिन्होंने इस एक्ट का समर्थन किया था और अब विरोध कर रहे हैं। ऐसे दलों को देश से माफी मांगनी चाहिए।

08 Dec 2020 01:58AM,
by: Imran Khan
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छत्तीसगढ़ के बीजापुर में रविवार देर शाम एक युवक ने बिजली के टावर से कूदकर खुदकुशी कर ली। टावर से छलांग लगाने के दौरान युवक हाइटेंशन तार में फंस गया। इसके बाद से करीब 12 घंटे से उसका शव वहीं लटका हुआ है। बताया जा रहा है युवक मानसिक रूप से बीमार था। बिजली विभाग के कर्मचारी शव को नीचे उतारने के प्रयास में लगे हुए हैं। मामला नैमेड थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, कांकेर जिले के चावड़ा ग्राम निवासी देवानंद उइके (31) अपने रिश्तेदार के घर नैमेड आया हुआ था। बताया जा रहा है कि रविवार देर शाम करीब 6 बजे वह घर के पास लगे हाइटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया और करीब 60 फीट ऊपर से छलांग लगा दी। इस दौरान वह तार में फंस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद से ही उसका शव वहां पर लटका हुआ है। बिजली विभाग के कर्मचारी शव को नीचे उतारने की कोशिश में लगे हैं सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। तमाम जद्दोजहद के बाद सोमवार को युवक के शव की शिनाख्त हो सकी। वहीं बिजली विभाग को भी सूचना दे दी गई। इसके बाद से ही कर्मचारी शव को नीचे उतारने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। पुलिस का कहना है कि रिश्तेदारों ने पूछताछ में बताया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। फिलहाल शव उतारने के बाद मामले की आगे जांच होगी।

08 Dec 2020 01:58AM,
by: Imran Khan
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रायपुर - छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ किरणमयी नायक ने विगत तीन दिनों में 60 नियमित प्रकरणों एवं नये प्रकरणों पर की सुनवाई । आज हुए सुनवाई में आयोग के समक्ष उल्लेखनीय प्रकरणों के एक प्रकरण में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक जी के द्वारा अनावेदक को उसके पुत्री की शिकायत पर प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए यह निर्देशित किया कि संपत्ति से संबंधित उचित दस्तावेज आगामी तिथि पर आवश्यक रूप से प्रस्तुत करें अन्यथा अनावेदक के विरुद्ध सक्षम कार्यवाही किया जाएगा इसके अतिरिक्त उल्लेखनीय है कि आयोग के बार-बार निर्देश के बावजूद अनावेदक आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हो कर लगातार गुमराह करते हुए दस्तावेज की असल प्रति प्रस्तुत नहीं कर रहा था जिस पर आयोग ने पुत्री की शिकायत पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कड़ी चेतावनी दीया की आवश्यक रूप से आगामी तिथि पर अपना पक्ष व दस्तावेज सहित प्रस्तुत करें। इसके अतिरिक्त पत्नी की अपने पति और ससुराल वालों के विरुद्ध मानसिक, शारीरिक प्रताड़ना तथा मारपीट की शिकायत की है जिस पर आयोग ने पति पत्नी को अपने संबंध सुधारने के लिए एवं एक दूसरे को मौका दिए जाने के लिए एक नए अवसर की समझाइश के साथ दिया कि वह अपने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपनी शिकायत का निराकरण करते हुए आयोग के समक्ष अपना संबंध सुधार कर हाजिर होवे इसके अतिरिक्त प्रकरण को निगरानी में रखते हुए पति को यह समझाइश दिया कि अपनी पत्नी को बिना मारपीट एवं प्रताड़ना के अपने संबंध को सुधारें तथा पत्नी और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आपसी सामंजस्य से निराकरण करें तथा पत्नी को भी यह समझाईस दिया कि भविष्य में अपने शिकायत का निराकरण आपसी बातचीत से निकाले। एक अन्य प्रकरण में आयोग की कार्यवाही में उभय पक्षों ने राजीनामा करते हुए भविष्य में अपने संबंधों को सुधार कर अच्छे से दांपत्य जीवन निर्वहन किए जाने की बात कहते हुए अपना प्रकरण समाप्त किया। एक अन्य प्रकरण में एक निःशक्त वृद्ध महिला जिनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। डीकेएस हॉस्पिटल ने एनजीओ को महिला की देखरेख के लिए दिया था । वृद्ध महिला को पेंशन भी मिलती है, पेंशन से मिलेने वाली राशि को उनका बेटा निकालकर अपनी माँ को निःशक्त ही छोड़ देता है । एनजीओ के सदस्यों ने महिला आयोग में आवेदन दिया, जिस पर महिला आयोग ने इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए समिति एवं पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि, वृद्ध महिला के पेंशन लिए पीडब्लूडी के पेंशन विभाग में एक आवेदन प्रस्तुत करे । मां की पूरी जिम्मेदारी उनके पुत्र द्वारा उठाई जाएगी। पेंशन से मिलने वाली राशि को मां के देखरेख एवं उनके भरण पोषण के लिए है, अगर पुत्र मां की देखरेख में असफल होता है तो पेंशन निकालने की सुविधा उस से ले ली जाएगी । इस प्रकरण की संपूर्ण निगरानी संगठन के सदस्यों द्वारा की जाएगी । कोई भी बेटा अपनी निःशक्त मां को किसी भी हालात में सड़क पर नहीं छोड़ सकता ऐसी घटनाओं में आयोग हमेशा कड़े से कड़े निर्णय लेने के लिए ततपर रहेगा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक ने विगत तीन दिनों में विभिन्न जिलों की महिलाओ द्वारा दिए गए आवेदनों की आयोग कक्ष में सुनवाई की। आयोग में प्रस्तुत प्रकरण में शारीरिक शोषण,मानसिक प्रताड़ना,दहेज प्रताड़ना, सम्पत्ति विवाद आदि से संबंधित थे।

08 Dec 2020 01:57AM,
by: Imran Khan
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छत्तीसगढ़ में पहली बार वर्चुअल मैराथन दौड़ का आयोजन 13 दिसंबर को किया जा रहा है। इस दौड़ में शामिल होने के लिए चार दिसंबर से पंजीयन शुरू हो गया है। इसके लिए सभी वर्ग के लोगों में अच्छा-खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इसमें पंजीयन के शुरू होते ही 24 घंटों के भीतर 19 हजार लोगों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। इस वर्चुअल मैराथन में अब तक जांजगीर चांपा जिले से 1584, बालोद से 767, बलौदाबाजार-भाटापारा से 829, बलरामपुर- रामानुजगंज से 222, बस्तर में 554,बेमेतरा में 483, बीजापुर में 462 तथा बिलासपुर में 903 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसी तरह दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा से 210,धमतरी से 622, दुर्ग से 1946, गरियाबंद से 394, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से 152, तथा जशपुर से 525 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा उत्तर बस्तर कांकेर से 257,कवर्धा से 577, कोण्डागांव से 167,कोरबा से 843, कोरिया से 548, महासमुंद से 999, मुंगेली से 433 तथा नारायणपुर से 124 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसी तरह रायगढ़ से 1018,रायपुर से 1609, राजनांदगांव से 1079,सुकमा से 215, सूरजपुर से 713 और सरगुजा से 364 लोगों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। यह करना होगा... वर्चुअल मैराथन दौड़ के लिए प्रतिभागी कहीं भी समूह के रूप में एकत्रित नहीं होंगे।प्रतिभागी घर, उद्यान, मैदान, सड़क या अन्य किसी सुरक्षित स्थान पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते दौड़ेंगे और दौड़ेंते हुए कुछ सेकेण्ड का वीडियो, फोटो 13 दिसम्बर को सबेरे 6 बजे से 11 बजे तक हैशटैग के साथ फेसबुक व ट्विटर पर अपलोड कर सकेंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रदेशवासियों से कोविड- 19 के नियमों का पालन करते हुए वर्चुअल मैराथन दौड़ के सफल आयोजन में सहभागी बनने की अपील की गई है। पहली बार होने ला रही वर्चुअल मैराथन दौड़

07 Dec 2020 12:09PM,
by: Imran Khan