Imran Khan

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रायपुर - मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उद्यान में लगभग 75 लाख की लागत से हुए उन्नयन कार्य और ऑक्सिजोन के समीप 2.52 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित स्मार्ट रोड का लोकार्पण किया। स्मार्ट रोड का यह कार्य रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा ऑक्सीजोन के समीप बनाया गया है। लगभग 2.52 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 220 मीटर लंबी स्मार्ट सड़क में अंडरग्राउंड केबल लगाए गए हैं। इस स्मार्ट रोड में प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर पैनल लगाए गए है। भूमिगत जल निकास व्यवस्था के साथ ही साइनेज व रोड मार्किंग कर इस मार्ग को आकर्षक स्वरूप दिया गया है। इसी तरह कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधीश कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला पंचायत, कृषि सहित विभिन्न शासकीय विभागों के कार्यालय स्थित हैं। इन शासकीय कार्यालयों में प्रतिदिन हजारों लोगों का आना होता है। आमजनों की सुविधा को देखते हुए परिसर के उन्नयित उद्यान में आगंतुकों के विश्राम हेतु 12 बाई 12 फीट के पांच बंबू हट भी बनाए गए हैं। बांस द्वारा निर्मित इन आकर्षक हट में करीब 10 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। उन्नयित किये गए उद्यान में लैंडस्कैपिंग ,लाइटिंग ,पेवर-ब्लॉक तथा कारपेट घास लगाकर बेहद ही आकर्षक बनाया गया है। उद्यान में लगे पेड़ पौधे आगंतुकों को छाया तथा शीतलता प्रदान करेंगे। इस मौके पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डाॅ. शिव डहरिया, विधायक सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर, मुख्य सचिव आर.पी. मंडल, सचिव नगरीय प्रशासन श्रीमती अलरमेलमंगई डी., पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा, कलेक्टर रायपुर डाॅ. एस. भारती दासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव सहित जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद थे।

24 Nov 2020 04:22PM,
by: Imran Khan
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राजधानी के वकीलों को 5 लाख रुपये का मेडिकल बीमा और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस मुहैया कराने के लिए 40 करोड़ रुपये से ज्यादा के आवंटन की मंजूरी दी है। दिल्ली के कानून मंत्री कैलाश गहलोत ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री वकील कल्याण योजना के तहत वकीलों को बीमा का लाभ दिया जाएगा। 50 करोड़ रुपये का कोष निर्धारित सरकार ने योजना के तहत वकीलों के कल्याण के लिए 50 करोड़ रुपये का कोष निर्धारित किया था। कैलाश गहलोत ने एक ट्वीट में कहा, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले साल मुख्यमंत्री वकील कल्याण योजना के साथ 50 करोड़ रुपये बजट का आवंटन करने की घोषणा की थी। योजना को लागू करने की दिशा में दिल्ली मंत्रिमंडल ने 29 अक्टूबर को जीवन बीमा और मेडिकल क्लेम पॉलिसी खरीदने के लिए 40.60 करोड़ रुपये से ज्यादा को मंजूरी दी। 13 सदस्यीय कमेटी ने दिया था सुझाव दिल्ली के वकीलों के कल्याण के लिए कोष के इस्तेमाल के संबंध में सुझाव देने के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार खन्ना की अध्यक्षता में 13 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने प्रत्येक वकीलों के लिए पांच लाख रुपये का ग्रुप मेडिक्लेम पॉलिसी और 10 लाख रुपये का जीवन बीमा मुहैया कराने तथा अन्य सुविधाओं की सिफारिश की थी।बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के अनुसार, राजधानी में 37,135 वकील पंजीकृत मतदाता हैं।

24 Nov 2020 01:40PM,
by: Imran Khan
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रायपुर- धान संग्रहण और उपार्जन केंद्र में पड़ा 50 लाख क्विंटल धान और बारदाने की कमी सरकार के लिए धान खरीदी की सबसे बड़ी चुनौती है । बारदाने को कमी से निपटने के लिए सरकार प्लास्टिक के बारदाने की खरीदी का एक टेंडर जारी कर चुकी है। दूसरा टेंडर भी जारी करने की तैयारी में है । इधर पिछले कस्टम मिलिंग का भुगतान करे बगैर राइसमिलर्स पर 15 रुपए में बारदाना देने और कस्टम मिलिंग के लिए धान उठाव के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वहीं कस्टम मिलिंग का पिछला भुगतान नहीं होने पर इस बार राइसमिलर्स कस्टम मिलिंग के लिए बैंक गारंटी के लिए पैसा जमा नहीं कर पा रहे हैं। राइसमिलर्स का कहना है कि उन्होंने अपने इस समस्या से खाद्य मंत्री और विभाग के अफसरों को अवगत करा दिया है लेकिन इसके बावजूद भी उन पर कस्टम मिलिंग के लिए धान उठाने और 15 रुपए के हिसाब से बारदाना देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

24 Nov 2020 01:40PM,
by: Imran Khan
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रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित मुख्यमंत्रियों की बैठक में शामिल हुए। बैठक में विभिन्न प्रदेशों में कोरोना संक्रमण से रोकथाम और बचाव के उपायों की समीक्षा की गई और निकट भविष्य में आने वाले वैक्सिन लगाने के लिए तैयारियों और कार्य योजना पर विचार किया गया।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैठक में बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में हैं। प्रतिदिन 23 हजार टेस्टिंग की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले कोरोना का संक्रमण नही था। बाद में कुछ बढ़ा है। यहां मितानिनों ने कोरोना संक्रमण रोकथाम में अच्छा कार्य किया है। अस्पतालों में आक्सीजन की सुविधा वाले बेड और आईसीयू बेड की संख्या में वृद्धि की गई है। सभी मेडिकल कॉलेजों में आरटीपीसीआर की सुविधा है। टेस्टिंग के लिए चार नये लैब स्थापित किए गए हैं। माह अक्टूबर के बाद कोरोना के नये केसो में गिरावट हुई है। कोरोना के केसों में 50 प्रतिशत की कमी आई है। टेस्टिंग में कोई कमी नही की गई है। उन्होंने बताया कि माह जुलाई में प्रदेश में पाजिटीव केस 4 प्रतिशत थे। अगस्त में 8 प्रतिशत, सितम्बर में 15 प्रतिशत, अक्टूबर में 10.5 प्रतिशत, नवम्बर में 7 प्रतिशत मिले हैं। माह अक्टूबर- नवम्बर में मृत्युदर एक प्रतिशत रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरूआत में छत्तीसगढ़ के कोरोना के केस बहुत कम थे, लेकिन अन्य राज्यों से आने वालों के कारण संक्रमण बढ़ा।उन्होंने कहा कि अब तक 3 लाख टेस्ट हुए हैं। मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन प्लॉट लगाए जाएंगे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव आर.पी.मंडल, पुलिस महानिदेशक डी.एम.अवस्थी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मती रेणु जी पिल्ले, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला और संचालक स्वास्थ्य नीरज बंसोड उपस्थित थे।

24 Nov 2020 01:40PM,
by: Imran Khan
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रायपुर - कांग्रेस कार्यकर्ताओं का लंबा इंतजार अब खत्म होते नजर आ रहा है। 28 नवम्बर को प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया रायपुर आ सकते हैं।उनके प्रवास के दौरान निगम- मंडलों की सूची को अंतिम रुप देने की पहल की जाएगी। साथ ही संगठन विस्तार को लेकर भी चर्चा होगी। माना जा रहा है कि दिसम्बर में संघर्ष के दिनों में कांग्रेस का साथ देने वाले सक्रिय कार्यकर्ताओं को बढ़ा तोहफा मिल सकता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस बात के संकेत दिए है,जल्द ही निगम-मंडलों की सूची जारी होगी। कांग्रेस सरकार के गठन को दो साल से अधिक समय हो गए हैं, लेकिन निगम-मंडलों और आयोग में अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है। इसे लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में निराशा है। हालांकि कांग्रेस रणनीतिकारों का कहना है, देरी सोची-समझी रणनीति के तहत की गई है, ताकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में असंतोष न बढ़े। दरअसल, निगम-मंडलों की पहली बड़ी सूची लोकसभा और नगरीय निकायों के चुनाव के बाद जारी की गई थी। दूसरी सूची के लिए मुख्यमंत्री निवास पर एक दौर की बैठक हो चुकी थी। इस बीच प्रदेश प्रभारी पुनिया को कोरोना हो गया। इसके ठीक बाद बिहार चुनाव और मरवाही उप चुनाव आ गया। इस वजह से सूची जारी करने में थोड़ी देरी ज्यादा हो गई है। फूटेगा असंतोष का गुबार सत्ता में अनुशासन का डंडा मजबूती से चलता है। इसके बाद भी कांग्रेस में कई मामलों में खुलकर असंतोष सामने आया है। खासकर नगरीय निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति, बाल महिला समिति के गठन और जेल संदर्शक सूची को लेकर सामने आया है।एल्डरमैन की नियुक्ति जकांछ से कांग्रेस से आए एक कार्यकर्ता को एल्डरमैन बनाया दिया। वहीं अन्य स्थानों पर भाजपा समर्थित विचारधारा के लोगों की नियुक्ति की खबर सामने आई है।इसे लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में आक्रोश दिखाई दे रहा है। पुनिया के सामने कार्यकर्ताओं का असंतोष भी खुलकर सामने आ सकता है। देखने मिलेगी वर्चस्व की लड़ाई माना जा रहा है, निगम-मंडलों की दूसरी सूची में वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिल सकती है। पहली सूची में मुख्यमंत्री के ज्यादा सहयोगियों को जगह नहीं मिल सकी थी।एक तरह से सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बैठाने का पूरा प्रयास किया गया था। इसके अलावा क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण के आधार पर कई लोगों के नाम कट गए थे। माना जा रहा है कि इस सूची में भी सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बैठाने का प्रयास रहेगा। यदि ऐसा होता है, तो संघर्ष के दिनों में मुख्यमंत्री बेहद करीबी लोगों को निगम-मंडलों की कुर्सी मिल सकती है।

24 Nov 2020 01:34PM,
by: Imran Khan
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केरल में विवादास्पद पुलिस अधिनियम संशोधन क़ानून फ़िलहाल लागू नहीं होगा। लगातार हो रहे विरोध के बीच केरल सरकार ने यह फ़ैसला लिया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने इस फ़ैसले को लेकर कहा है कि, "संशोधन की घोषणा के बाद अलग-अलग धड़ों से अलग-अलग तरह के विचार आए हैं।उन लोगों ने भी चिंता जताई है जिन्होंने वाम जनतांत्रिक मोर्चे का समर्थन किया है और जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े रहे हैं। ऐसी स्थिति में क़ानून में संशोधन लाने का इरादा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि, "विधानसभा में विस्तार से इस पर चर्चा की जाएगी और फिर आगे इस संबंध में सभी दलों के विचार सुनने के बाद क़दम उठाए जाएंगे" केरल सरकार के पुलिस अधिनियम में मौजूदा संशोधन के प्रस्ताव का विपक्ष बड़े पैमाने पर विरोध कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि इस क़ानून का इस्तेमाल सरकार अभिव्यक्ति की आज़ादी छीनने,आलोचनाओं को चुप कराने और मीडिया को निशाना बनाने के लिए कर सकती है। हालांकि मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने कहा है कि इस क़ानून का इस्तेमाल किसी भी तरह से अभिव्यक्ति की आज़ादी को छीनने या निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाने में नहीं किया जाएगा। इस अध्यादेश में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने की बात कही गई है। इसमें सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से आपत्तिजनक साम्रगियों को फैलाने वालों को तीन साल की सज़ा या फिर दस हज़ार का जुर्माना या फिर दोनों सज़ाएँ एक साथ देने की बात कही गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के आईटी एक्ट की धारा 66A और केरल पुलिस एक्ट की धारा 118 (d) को निरस्त कर दिया था। केरल में अभी नहीं लागू होगा ‘विवादास्पद’ पुलिस अधिनियम संशोधन

24 Nov 2020 11:47AM,
by: Imran Khan
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कवर्धा- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में चार अज्ञात लोगों ने 14 वर्षीय आदिवासी बालिका से कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया। कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने सोमवार को बताया कि जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में बालिका से कथित बलात्कार के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिन्हा ने बताया कि बालिका ने पुलिस में शिकायत की कि बीते रविवार को जब वह अपने एक मित्र के साथ सैर पर गई थी, तब चार आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान उन्होंने बालिका के मित्र को धमकाकर वहां से भगा दिया। सिन्हा ने बताया कि बालिका की शिकायत पर सिटी कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इधर राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर अपराध पर अंकुश लगा पाने में विफल होने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार अपराध पर अंकुश लगा पाने में विफल रही है और राज्य की जनता असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

24 Nov 2020 11:47AM,
by: Imran Khan