Tikendra Sinha

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छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव इलाके में बड़े पैमाने पर किसान जैविक पद्धति से धान की खेती के साथ-साथ फल एवं सब्जी का भी उत्पादन करने लगे हैं। जैविक तरीके से उत्पादन धान का बेहतर मूल्य मिलने की वजह से साल दर साल इसकी खेती का रकबा बढ़ते जा रहा है। जैविक धान को बेचने के लिए किसानों को मंडी और बाजार में जाने की जरूरत भी नहीं होती है। बाहर की आर्गेनिक कंपनियों के प्रतिनिधि किसानों से सीधे जैविक धान को नगद में खरीद लते हैं। कोण्डागांव में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों को इसके लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं मदद देने में दण्डाकारण्य एग्रो प्रोड्यूस कंपनी अहम रोल अदा कर रही है। यह कंपनी स्थानीय प्रगतिशील किसानों द्वारा संचालित है, जिसका उद्देश्य खेती को लाभकारी बनाने के साथ ही किसानों को शोषण से बचाना है। 

03 Aug 2023 05:17AM,
by: Tikendra Sinha
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में संभागस्तरीय युवा सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के द्वारा लिए गए निर्णयों से युवाओं को अवगत कराया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली बहुविकल्पीय परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की माँग के आधार पर आयोग द्वारा निर्णय लिया गया है कि भविष्य में आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के वर्गवार कटआफ सूची लिखित परीक्षा परिणाम के साथ जारी की जाएगी। इसके साथ ही आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में जिनमें इंटरव्यू के ज्यादा नंबर हैं उन्हें भी कम किया जाएगा। 

03 Aug 2023 05:17AM,
by: Tikendra Sinha
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सरकारी स्कूलों में दिव्यांग बच्चे भी बड़ी संख्या में एडमिशन ले रहे हैं। इनकी जरूरतें भी विशेष होती हैं और इसके लिए इन्हें स्पेशल एजुकेटर से पढ़ाया जाए तो बच्चों के लिए काफी उपयोगी होगा ही, दिव्यांग युवाओं के लिए भी नौकरी के लिए नये अवसर पैदा होंगे। यह बात एक युवा सुष्मिता दिवाकर ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से बिलासपुर में आयोजित संभागस्तरीय भेंट मुलाकात कार्यक्रम में कही। सुष्मिता की बात की मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए बहुत सी पहल शासन ने की है। शासकीय स्कूलों में स्पेशल एजुकेटर नियुक्त करने का यह सुझाव अच्छा है। इस पर विचार करेंगे। सुष्मिता ने बताया कि जब हमें पता चला कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल युवाओं से बात करने बहतराई स्टेडियम पहुँचेंगे तो हमने निश्चय किया कि हम सब मुख्यमंत्री से मिलेंगे। हम लोगों को आशंका थी कि इतने लोगों के बीच में हमारी बात हो पाएगी की नहीं। फिर भी सौभाग्य से हमें अवसर मिल गया और हमने इसका जिक्र किया। सुष्मिता ने बताया कि प्रदेश में दिव्यांग बच्चों की संख्या 77 हजार 249 है। यहां प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों की संख्या 1200 है। दिव्यांग बच्चों की आवश्यकता स्पेशल एजुकेटर ज्यादा बेहतर समझते हैं। उनके द्वारा दिये गये सुझावों से बच्चों की पढ़ाई और बेहतर हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन के लिए 21 प्रकार की दिव्यांगता चिन्हांकित की गई है और इसके अनुरूप दिव्यांग छात्र-छात्राओं का सर्वे किया गया है। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए स्पेशल एजुकेटर

03 Aug 2023 05:17AM,
by: Tikendra Sinha