05 Jan 2021

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रायपुर : प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने कहा है कि दिल्ली बार्डर पर आंदोलनरत किसानों को आठ दौर की बातचीत के बाद भी केन्द्र सरकार ने राहत नहीं दी है। मोदी सरकार की अडिय़ल रवैयै से किसान भारी ठंड और बारिश में भी सड़कों पर ठिठुरने मजबूर हैं। कई किसानों की शहादत पर भी केन्द्र सरकार पिघल नहीं रही है और अपनी हठधर्मिता और अहंकार के चलते अभी और न जाने कितने किसानों को जान देने मजबूर करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली वार्ता के दौरान जिस तरह सरकार ने नरमी दिखाते हुए पराली जलाने पर सजा में रोक और बिजली की सब्सिडी जारी रखने की मांग मान ली थी उसी तरह एमएसपी पर लिखित आश्वासन के साथ तीनों कानून वापस लेकर सरकार को इस दौर की वार्ता में किसानों का आंदोलन समाप्त कराना था लेकिन कानून वापस नहीं लेने की जिद पर अड़ी सरकार किसानों को लंबी लड़ाई के लिए मजबूर कर रही है। इससे किसान हितैषी सरकार होने का दम भरने वाली एनडीए सरकार का असली चेहरा सामने आ गया है। दरअसल मोदी सरकार किसानों के बजाय पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के एजेंडे पर ही काम करना चाहती है। आंदोलनरत किसानों को केन्द्र सरकार द्वारा तारीख पर तारीख देकर समय व्यर्थ करने और किसानों को परेशान करने का क्या औचित्य है? क्या रोजाना किसानों के साथ चर्चा कर समाधान नहीं निकाला जा सकता है? इससे सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा होता है।

05 Jan 2021 09:19AM,
by: Thaneshwar sahu