08 Dec 2020

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) समर्थित भारतीय किसान संघ (बीकेएस)ने कहा कि वह केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ "‘भारत बंद'" का समर्थन नहीं करेगे लेकिन इन कानूनों में कुछ "सुधार'" होना चाहिये। किसानों का प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ संगठनों ने हाल ही में कृषि से संबंधित तीन नए कानूनों के विरोध में आज आठ दिसंबर को देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। बीकेएस के संगठन मंत्री मघ्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ महेश चौधरी ने कहा।"हम भारत बंद का समर्थन नहीं कर रहे हैं, लेकिन हम इन तीन कानूनों का इस रूप में समर्थन नहीं कर रहे हैं। हम इनमें कुछ सुधार चाहते हैं और इसके लिये अगस्त में केन्द्र को पत्र लिखा भी है जिसमें गांवों से मिले सुझाव के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज खरीद की सुविधा देने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहले ही हमें आश्वासन दिया है कि इस पर गौर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अधिनियम के "एक बाजार एक देश" सहित कई अन्य प्रावधानों का बीकेएस दृढ़ता से समर्थन करता है और इससे किसानों को काफी फायदा होगा। दिल्ली के बाहरी इलाकों में किसानों द्वारा किये जा रहे विरोध प्रदर्शन को समाप्त करने की मांग करते हुए चौधरी ने कहा। इसमें शामिल लोगों को और वहां लगाये जा रहे नारों को आप जानते हैं। दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसानों द्वारा नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. इन किसानों में अधिकांश पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान शामिल हैं। केन्द्र और किसान नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन इस गतिरोध का समाधान नहीं निकला है।

08 Dec 2020 03:07AM,
by: Imran Khan
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भारत में 91.39 लाख से अधिक कोरोना मरीज इस महामारी को मात देकर ठीक हो चुके हैं। देश में अब कोरोना (Covid-19) के चार लाख से कम एक्टिव केस हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर 94 प्रतिशत से अधिक है। वहीं, डेथ रेट 1.45 फीसदी है। भारत में कोरोना मरीजों की संख्या 97 लाख के करीब पहुंच गई है।राहत की बात ये है कि 91.39 लाख से अधिक कोरोना मरीज इस महामारी को मात देकर ठीक हो चुके हैं। देश में अब कोरोना के चार लाख से कम एक्टिव केस हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश के 27 राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना के 15 हजार से कम एक्टिव केस हैं। इन राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों में मिजोरम, पुडुचेरी, सिक्किम,त्रिपुरा, लद्दाख,असम, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड,बिहार,आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा,पंजाब, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु,हरियाणा, मध्य प्रदेश और गुजरात शामिल हैं।

08 Dec 2020 03:07AM,
by: Imran Khan
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किसान संगठनों के अनुसार,अब तक कुल 24 राजनीतिक पार्टियाँ मंगलवार यानी आज 8 दिसंबर को बुलाये गये भारत बंद’ के समर्थन की घोषणा कर चुकी हैं। लेकिन किसान नेताओं ने समर्थन में आये सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वो इस आंदोलन का राजनीतिक इस्तेमाल ना करें। किसानों की माँगों को सही ठहराते हुए कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों समेत क्षेत्रीय स्तर पर मज़बूत - डीएमके, टीआरएस, सपा, बसपा,आरजेडी, शिवसेना,एनसीपी, अकाली दल, आप,जेएमएम और गुपकर गठबंधन ने "भारत बंद" का समर्थन किया है। सोमवार शाम को, प्रेस से बात करते हुए किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के अध्यक्ष दर्शन पाल सिंह ने कहा था,हम सभी राजनीतिक दलों का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने हमारी माँगों का समर्थन किया,उन्हें सही माना, पर हम उनसे अपील करेंगे कि मंगलवार को जब वो ‘भारत बंद’ के समर्थन में आयें, तो अपने झंडे-बैनर घर छोड़कर आयें, और सिर्फ़ किसानों का साथ दें।

08 Dec 2020 02:48AM,
by: Imran Khan
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उत्तर प्रदेश– उत्तर प्रदेश में कृषि क़ानूनों के विरोध में किसान संगठनों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है। जिसे समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी समेत कई राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया है। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने ज़िलों के अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को गृह विभाग ने डीजीपी को पत्र लिखकर दुकानें जबरन बंद कराने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।डीजीपी ने राज्य के सभी ज़िलों के पुलिस कप्तानों को पत्र लिखकर आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने वालों से सख़्ती से निपटने के भी निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश मे बंद का कितना असर

08 Dec 2020 02:48AM,
by: Imran Khan
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बिहार – बिहार में 77 फ़ीसदी कार्यबल खेती किसानी से जुड़ा है,ऐसे में इस बंद को ऐतिहासिक और सफल बनाने की कोशिश तमाम किसान संगठन और महागठबंध के दल कर रहे हैं। महागठबंध के वामपंथी दलों के साथ राजद और कांग्रेस भी इस बंद को समर्थन दे रहे हैं। बंद के समर्थन में वो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी करेंगे।इसके अलावा बिहार राज्य किसान सभा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले भी तमाम किसान संगठन प्रदर्शन करेंगे।बिहार में तीनों कृषि क़ानूनों के प्रति किसानों को जागरुक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है और 2006 में नीतीश कुमार ने जो मंडी सिस्टम ख़त्म कर दिया था। उसे तमाम किसान संगठन और महागठबंधन के दल बहस में लाने की कोशिश कर रहे हैं। बंद का बिहार मे कितना असर

08 Dec 2020 02:48AM,
by: Imran Khan
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पश्चिम बंगाल – पश्चिम बंगाल में वामदल और कांग्रेस भारत बंद के समर्थन में सड़कों पर तो उतरेंगे ही। साथ ही रेल और रास्ता भी रोका जाएगा।तृणमूल कांग्रेस ने इस बंद को सिर्फ नैतिक समर्थन दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि किसानों के आंदोलन के साथ वो पूरी तरह से हैं। लेकिन उनकी पार्टी बंद जैसे कार्यक्रम का समर्थन नहीं करती, इसलिए पश्चिम बंगाल में बहुत ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा।हालांकि ग्रामीण इलाकों में बंद का असर हो सकता है। क्योंकि ये भारत बंद सिर्फ चार घंटे के लिए है। इसलिए शहरी इलाकों में ज़्यादातर दफ्तर खुले रहेंगे और लोग बंद शुरू होने से पहले ही पहुंच जाएंगे। पश्चिम बंगाल मे बंद का कितना असर

08 Dec 2020 02:48AM,
by: Imran Khan
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दक्षिण भारत - दक्षिण भारत में बंद का असर हो सकता है सिर्फ कर्नाटका में ही दिखे। क्योंकि केरल में आज ग्राम पंचायत चुनाव का पहला चरण होने वाला है।हालांकि ये चुनाव आज सिर्फ पांच ज़ीलों में होने वाला है। फिर भी अन्य ज़िलों में लोग दूसरे और तीसरे चरण के चुनाव के काम में मशगूल हैं। आंध्रप्रदेश की सरकार कृषि क़ानूनों का समर्थन करती है तो वहां बंद का असर शायद नहीं दिखेगा। तमिलनाडु की सरकार भी इन क़ानूनों का समर्थन करती है। मगर वहां डीएमके और वाम दलों का प्रदर्शन बहुत ज़िलों में होने वाला है। तेलंगाना में दिलचस्प बात ये है कि आज तेलंगाना में बंद होगा और शायद वहां मुख्यमंत्री और टीआरएस पार्टी के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव के बेटे और मंत्री के टी रामा राव और उनकी बेटी कविता भी इसमें शामिल हों। कर्नाटक और तमिलनाडु से कई किसान दिल्ली के प्रदर्शन में भी शामिल होने पहुंचे हैं। दक्षिण भारत मे बंद का कितना असर

08 Dec 2020 02:48AM,
by: Imran Khan