09 Jan 2021

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 रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आज केरलापाल पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री बघेल आज दोपहर नारायणपुर जिले के दो दिवसीय प्रवास पर पहुंचे। वाणिज्य कर एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जिले के प्रभारी मंत्री रूद्रगुरू भी उनके साथ नारायणपुर पहुुंचे। हेलीपेड पर सांसद बस्तर संसदीय क्षेत्र दीपक बैज, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष और स्थानीय विधायक चन्दन कश्यप, अंतागढ़ विधायक अनूप नाग, सहित जिला पंचायत अध्यक्ष श्यामबती नेताम, नगर पालिका अध्यक्ष सुनीता मंाझी विशेष रूप से उपस्थित थी।

09 Jan 2021 10:32AM,
by: Thaneshwar sahu
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मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के आज केरलापाल पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल आज दोपहर नारायणपुर जिले के दो दिवसीय प्रवास पर पहुंचे।  वाणिज्य कर एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री  जयसिंह अग्रवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जिले के प्रभारी मंत्री  रूद्रगुरू भी उनके साथ नारायणपुर पहुुंचे। हेलीपेड पर सांसद बस्तर संसदीय क्षेत्र  दीपक बैज, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष और स्थानीय विधायक  चन्दन कश्यप, अंतागढ़ विधायक  अनूप नाग, सहित जिला पंचायत अध्यक्ष  श्यामबती नेताम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मंाझी विशेष रूप से उपस्थित थी। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला संगठनों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर कमिश्नर बस्तर संभाग  जी.आर. चुरेन्द्र, डीआईजी  आनंद छाबड़ा कलेक्टर  धर्मेश कुमार साहू, पुलिस अधीक्षक  मोहित गर्ग सहित अन्य अधिकारी एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

09 Jan 2021 09:28AM,
by: Imran Khan
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माधव सिंह सोलंकी राजनीति में आने से पहले एक पत्रकार थे। वह राज्य में KHAM सिद्धांत के जनक थे। 1980 के दशक में गुजरात में उन्होंने इसी फार्मूले के बल पर कांग्रेस के लिए एक नया वोट बैंक तैयार किया था। KHAM का मतलब Kshatriya, Harijan, Adivasi and Muslim (क्षत्रिय, हरिजन,आदिवासी और मुस्लिम) समाज से था, जो उस समय तक कांग्रेस के परंपरागत वोटर नहीं थे,सोलंकी ने अपनी राजनीतिक कुशलता के साथ 1980 के दशक में राज्य के इन चार वर्गों को जोड़ा और 1985 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। 182 सदस्यों वाली गुजरात विधान सभा में तब कांग्रेस को अकेले 149 सीटों पर जीत मिली थी जो एक रिकॉर्ड है। राज्य में और देश में बीजेपी की लहर और नरेंद्र मोदी के करिश्माई चेहरे और अमित शाह जैसे राजनीति के चाणक्य के कुशल संयोग के बावजूद आजतक वह रिकॉर्ड नहीं टूट सका है। क्यों इतने प्रख्यात थे नेता माधव सिंह सोलंकी

09 Jan 2021 08:28AM,
by: Imran Khan