13 May 2023

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लेखक समाज के लिए कैसा है ये लेखक के लेखन से पता चलता है। आम तौर पर लेखन के नाम पर दुनियां अनेक भागों में बटी हुई है। किसी को लगता है कि वह अभिव्यक्त होने की आज़ादी रखता है इसलिये उसके विचार से केवल सहमत या असहमत होना चाहिए लेकिन भावना को ठेस लगने की विपदा ने अच्छे अच्छे लोगो को कम से कम वैचारिक रूप से पुरुषार्थी तो नहीं रहने दिया है। सआदत हसन मंटो का दुर्भाग्य रहा कि वह उस युग मे जन्म लिया जिस युग मे "अश्लीलता" परिभाषित थी। स्त्री और पुरुष के जिस्मानी रिश्ते के शाब्दिक लेखन को श्लील ढंग से न लिखना ही अश्लीलता थी। सआदत हसन मंटो ने इसी प्रकार के दृश्यों को लेखांकित किया और बुद्धजीवी लेखकों के बिरादरी में अलग स्थान पर बैठे। दो देश का एक लेखक- सआदत हसन मंटो

13 May 2023 12:58AM,
by: Babuaa Desk