22 Dec 2020

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जगदलपुर : अनेक आदिम संस्कृतियों को अपने आंचल में समेटे बस्तर को जल्द ही बादल की सौगात मिलेगी, जिससे बस्तरिया कला और संस्कृति की फुहार बरसेगी। हल्बी, गोंडी, भतरी जैसी आदिम संस्कृति से नई पीढ़ी को परिचित कराने के लिए आसना में बस्तर कला, नृत्य और भाषा अकादमी की स्थापना की जा रही है। बस्तर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा यहां की संस्कृति के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए उठाए गए कदमों के तहत इस अकादमी के स्थापना की घोषणा के साथ ही बस्तर जिला प्रशासन ने भी इस पर तेजी से काम करना शुरु कर दिया और अब नए साल की पहली तिमाही में ही इस अकादमी को संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित कर पूरी गति के साथ कार्य किया जा रहा है।

22 Dec 2020 05:39AM,
by: Thaneshwar sahu