25 Dec 2020

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केंद्र सरकार के कृषि संबंधी विवादित कानूनों के खिलाफ देश भर में आंदोलन जारी है।इस आंदोलन को काउंटर करने के लिए अपने होल्ड वाले क्षेत्रों में भाजपा सड़क पर उतरी हुई है। भाजपा ने आज रायपुर के आजाद चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना शुरू किया है। भाजपा नेताओं ने धरना स्थल पर बड़ी सी टीवी स्क्रीन लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसानों से बातचीत का लाइव देखा। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन,, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, सांसद सुनील सोनी सहित विधायक, सांसद और पदाधिकारी मौजूद रहे। बाद में सभा कर भाजपा नेताओं ने छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को निशाने पर लिया। भाजपा नेताओं ने कहा, किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस राजनीति कर रही है। किसानों को गुमराह किया जा रहा है जबकि कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। भाजपा के इस धरने का कार्यक्रम दो दिन पहले विधायक दल की बैठक में तय हुआ था। भाजपा नेता पंजीकृत किसानों का पूरा धान खरीदने की मांग कर रहे हैं।अभी सरकार प्रति एकड़ 15 क्विंटल की दर से ही खरीदी कर रही है। भाजपा ने किसानों को धान का दाम एकमुश्त 2500 रुपया प्रति क्विंटल की दर से देने की मांग की है। अभी सरकार केंद्र से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य का ही भुगतान कर रही है। शेष रकम को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए किस्तों में देने का प्रस्ताव है। आत्महत्या करने वालों के परिजनों को मुआवजा मांगा भाजपा ने विधानसभा में किसानों की आत्महत्या का मामला उठाया था। अब वह आत्महत्या के हर मामले की विश्वसनीय जांच की मांग कर रही है। भाजपा नेताओं ने आत्महत्या करने वाले किसानों को परिजनों को 25 लाख रुपया मुआवजा देने की भी मांग की है। यह भी प्रमुख मांगे धान संग्रहण केंद्रों में खराब हुए धान की जांच की जाए। धान खरीदी की समय-सीमा में वृद्धि की जाए। दो सालों से बकाया धान का बोनस किसानों को दिया जाए।

25 Dec 2020 10:32AM,
by: Imran Khan
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रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजनेता, वकील, साहित्यकार, दार्शनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल भारतरत्न चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की 25 दिसंबर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी है। बघेल ने कहा कि राजगोपालाचारी जी ने स्वतंत्र भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया। राजगोपालाचारी जी ने जात-पात के आडंबर का मुखर विरोध किया। उनके अथक प्रयासों से ही मंदिरों में दलितों का प्रवेश संभव हो सका। किसानों को कर्ज से राहत दिलाने का भी उन्होंने प्रयास किया। राजगोपालाचारी जी राजनीति के बाद साहित्य सेवा के लिए भी समर्पित रहे। उन्होंने कई भारतीय महाकाव्यों का अंग्रेजी में अनुवाद किया। श्री बघेल ने कहा कि राजगोपालाचारी का प्रखर और बहुमुखी व्यक्तित्व हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

25 Dec 2020 07:19AM,
by: Thaneshwar sahu