26 Aug 2022

Generic placeholder image

कांग्रेस सरकार की शह पर सोची समझ साजिश के तहत पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर स्थापित चौक को अपमानजनक तरीके से तोड़ा गया। सरकार के इस कृत्य से मेरे सहित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और छत्तीसगढ़ की जनता की भावना आहत हुई है। इस देश की जनता ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अटल बिहारी बाजपेयी को तीन बार प्रधानमंत्री बना कर देश का नेतृत्व करने का अवसर दिया। उन्होनें छत्तीसगढ़ राज्य स्थापित कर,यहां की जनता की कई दशकों के सपनों को साकार किया था। ऐसे महान नेता के नाम पर स्थापित चौक के साथ जो व्यवहार किया गया है,वह कदापी सहन करने के लायक नहीं है। छत्तीसगढ़िया संस्कृति की दुहाई देने वाले मुख्यमंत्री को सरईटोला आ कर इस चौक की दुर्दशा देखना चाहिए और बताना चाहिए कि क्या कैसा कांग्रेसी कल्चर है। उन्होनें कहा कि इस मामले में भाजपा का हर कार्यकर्ता अंतिम सांस तक संघर्ष करने के लिए तैयार है। छत्तीसगढ़ में सरकार के खिलाफ तेज हो रहे असंतोष और अव्यवस्था से जनता का ध्यान भटकाने के लिए सरकार,इस तरह का विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही है। भूपेश सरकार की चला चली की बेला आ पहुंची है। झूठे वायदे के अपने ही मकड़जाल में कांग्रेस बुरी तरह से उलझ गई है। पूरा प्रशासनिक तंत्र सड़क में नजर आ रहा है। प्रशासनिक गतिविधियां और विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। अधिकारी और कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की असफलता का इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है?

26 Aug 2022 04:59PM,
by: Imran Khan
Generic placeholder image

गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस से 51 साल के रिश्ते खत्म हो गए हैं। उन्होंने आज सोनिया गांधी को लिखे 5 पन्नों के लंबे पत्र में कांग्रेस के सभी पदों को छोड़ने और प्राथमिक सदस्यता तक से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले का असर जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में भी दिखा है। उनके समर्थन में राज्य के 5 पूर्व विधायकों ने भी कांग्रेस छोड़ दी है। इन नेताओं में जीएम सरूरी, हाजी अब्दुल राशिद, मोहम्मद अमीर भट, गुलजार अहमद वानी और चौधरी मोहम्मद इकराम शामिल हैं। जीएम सरूरी ने कहा कि अब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ही अकेले रहे गए हैं। इन नेताओं के अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री आरएस छिब ने भी कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। गुलाम नबी के समर्थन में कांग्रेस से 'आजाद' हुए कई और नेता

26 Aug 2022 12:02PM,
by: Imran Khan