27 May 2023

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लोकतंत्र में ही जब पक्ष और विपक्ष की लोकतांत्रिक व्यवस्था है तो हर बात में समर्थन और विरोध होना स्वाभाविक है। पक्ष इस बात से बेफिक्र रहता है कि विपक्ष की बात  सुनने का मतलब वक़्त जाया करना है।विपक्ष को लगता है कि पक्ष का समर्थन कर दिए तो सार्थकता खत्म हो जाएगी। इन्ही मुद्दों के बीच 28 मई 2023( संयोग है या सुनियोजित योजना है कि इसी दिन वीर सावरकर  के जन्म का भी दिन है) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  नए संसद भवन का उद्घाटन करने जा रहे है। देश के 19 दलों जिसमे अधिकतम संख्या 52 है।आठ दलों के पास दहाई संख्या के सदस्य है।15 दल के केवल 1 सदस्य है। इनके द्वारा  उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया जा रहा है। कारण है प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन।  कुछ लोगो की राय है कि उद्घाटन राष्ट्रपति के द्वारा किया जाना चाहिए था। एक जनहित याचिका भी लगाई गई लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने लताड़ लगाते हुए ये बता दिया कि याचिका का मकसद उस  फूफा के समान है जो शादी में  विघ्न चाहता है। नया संसद भवन औऱ नया नजरिया

27 May 2023 01:21PM,
by: Babuaa Desk