28 Jun 2022

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भारत से लेकर जिम्बाब्वे  तक, पूरी दुनिया इस समय कमरतोड़ मंहगाई से परेशान है। हर कोई अपने स्तर पर इस महंगाई को नियंत्रित करने के लिए फैसले ले रहा है। सोमवार को जिम्बाब्वे के सेन्ट्रल बैंक की तरफ से भी कठोर फैसला लिया गया है। जिम्बाब्वे के सेन्ट्रल बैंक के गवर्नर ने बढ़ती मंहगाई को नियंत्रित करने के लिए इंटरेस्ट रेट 200% बढ़ाने का फैसला किया है। इस बढ़ोतरी पर क्या बोले गवर्नर? जिम्बाब्वे के गवर्नर ने कहा, 'बढ़ती महंगाई को लेकर मौद्रिक समिति ने गहरी चिंता जाहिर की है। समिति ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने कंज्यूमर्स डिमांड और कांफिडेंस पर गहरा प्रभाव डाला है। अगर इसे हम नियंत्रित नहीं करते हैं तो दो साल के इकोनाॅमिक ग्रोथ पर बुरा असर डालेगा।' वहीं, सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए जिम्बाब्वे के वित्त मंत्री ने अगले पांच साल के यूएस डाॅलर को लीगल करने का फैसला किया है। रूस और यूक्रेन युद्ध और कोविड-19 की वजह से लगे लाॅकडाउन सप्लाई चेन बुरी तरह से प्रभावित हुई है। जिससे कमोडिटी की कीमतों में उछाल देखने को मिली है। फूड, फ्यूल से लेकर दवा और फीस तक हर चीज का भुगतान करने के लिए अमेरिकी डाॅलर का बढ़ावा दिया है।

28 Jun 2022 12:51AM,
by: Imran Khan