30 May 2021

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सांसों की डोर थमते ही पल भर में अपने बेगाने हो गए। पुत्र समेत अन्य परिजन अस्पताल से चोरी छिपे भाग निकले। पुलिस ने छह घंटे बाद पुत्र को राजी किया तो वह नगर पंचायत की कचरा गाड़ी लेकर आ गया और उसी में पिता का शव ले गया। नगर पंचायत के सहयोग से शव का अंतिम संस्कार करा दिया। मानवता को शर्मसार करने वाली घटना ने सभी को झकझोर दिया है। अपर जिलाधिकारी राम सुरेश वर्मा ने बताया कि ऐसा हुआ है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएमओ से पूछताछ के बाद मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। कस्बा खरेला के मोहल्ला स्वामीदास निवासी रामकरन कुशवाहा (48) की पत्नी की 16 वर्ष पहले मौत हो गई थी। उस समय उसका इकलौता पुत्र दीपक दो वर्ष का था।तब रामकरन मासूम बेटे को लेकर मेहनत-मजदूरी के लिए दिल्ली चला गया था।16 वर्ष बाद दो दिन पहले रामकरन बेटे के साथ घर वापस लौटा तो रामकरण के बीमार होने के कारण परिजनों ने उसे अंदर नहीं घुसने दिया।

30 May 2021 02:38AM,
by: Imran Khan