मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर जीएसटी प्राधिकरण द्वारा पेईंग गेस्ट के रूप में रूम में एवं हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के किराए पर 12 प्रतिशत जीएसटी के अतिरिक्त भार से मुक्त करने के संबंध में बात रखी है। मुख्यमंत्री ने इस पत्र में लिखा है कि जीएसटी अग्रिम निर्णय प्राधिकरण द्वारा हाल ही में 12 प्रतिशत जीएसटी भुगतान के आदेश से गरीबों व निम्न मध्यम वर्ग के पालकों के लिए 12 प्रतिशत जीएसटी के अतिरिक्त भार उठाने में अत्यंत कठिनाई होगी, क्यांेंकि पहले से ही गरीब और निम्न वर्ग महंगाई की मार से पीड़ित है। मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्रीय वित्त मंत्री को लिखा पत्र
08 Aug 2023 12:28PM,by: Tikendra Sinha
छत्तीसगढ़ के वन और आदिवासी सदियों से राज्य की पहचान रहे हैं। प्रदेश के लगभग आधे भू-भाग पर जंगल हैं, जहां छत्तीसगढ़ की गौरवशाली आदिम संस्कृति फूलती-फलती है। आदिवासियों का पूरा जीवन वनों पर आधारित होने के बावजूद समय के साथ-साथ उनकी वनों के साथ दूरी बढ़ती गई। भारत के दूसरे आदिवासी क्षेत्रों की तरह छत्तीसगढ़ के आदिवासियों को भी जल-जंगल-जमीन पर अपने अधिकार के लिए लड़ाई लड़नी पड़ी। पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना इन्हीं अधिकारों की वापसी का सपना था। छत्तीसगढ़ में आदिवासियों का बढ़ा मान : मेहनत का मिला वाजिब दाम
08 Aug 2023 11:15AM,by: Tikendra Sinha
छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को महंगाई राहत के लिए मध्यप्रदेश की सहमति का इंतज़ार है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ के सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों को महंगाई राहत में 04 प्रतिशत की बढ़ोतरी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार घोषणा पर शीघ्र अमल के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने मध्यप्रदेश शासन को सहमति के लिए पत्र लिखा है।
08 Aug 2023 11:15AM,by: Tikendra Sinha
छत्तीसगढ प्राकृतिक वन संपदा से सम्पन्न है और यहां सदियों से निवासरत आदिवासी समुदाय के लोगों को राज्य में एक अलग पहचान हैं। यहां की पहचान लोक कला, संस्कृति, रीति रिवाज, नृत्य महोत्सव अपनी गौरवशाली संस्कृति को बनाकर रखी है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आदिवासियों को सभी अधिकार देने की पहल शुरू की । वनांचल क्षेत्र में बरसों से रहने वाले आदिवासी परिवारों को 59 हजार 791 वन अधिकार पत्र दिया गया है। ताकि अपनी काबिज भूमि में खेती-बाड़ी कर आर्थिक तरक्की कर सकें। मुख्यमंत्री ने किसानों की जमीन वापसी, तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 2500 रूपए प्रति मानकर बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा करके किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाई है। वेल्यू एडीशन करके न सिर्फ़ वनवासियों की आय में बढ़ोतरी की है, बल्कि रोजगार के अवसरों का भी निर्माण किया है। छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समुदाय के जुड़े हर मसले को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से निराकरण करने के साथ उनकी बेहतरी के लिए कदम उठा रही है। वन भूमि का पट्टा देने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य
08 Aug 2023 11:15AM,by: Tikendra Sinha
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