Tikendra Sinha

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छत्तीसगढ़ के विकास में बंगाली समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। बंगाली समुदाय शुरू से ही सचेत और जागरूक रहा है। बंगाल की धरती क्रांतिकारियों और समाज सुधारकों की रही है। इनके बिना देश की आजादी और नवनिर्माण की कल्पना नहीं की जा सकती है। राजा राममोहन राय और सुभाष चंद्र बोस के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता। संत रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पूरी दुनिया को बंगाल की सर्वश्रेष्ठ देन है। देश के भक्ति आंदोलन में भी बंगाल के संतो का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज बिलासपुर के कालीबाड़ी मैदान में आयोजित बंगाली नववर्ष एवं बिलासपुर बंगाली एसोसिएशन के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कालीबाड़ी में मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य एवं संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने की।

16 Apr 2023 02:54AM,
by: Tikendra Sinha
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुष्टिमार्ग के संस्थापक महाप्रभु वल्लभाचार्य की 16 अप्रैल को जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया है। श्री बघेल ने कहा है कि वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को श्री वल्लभाचार्य जी का जन्म छत्तीसगढ़ के चंपारण में हुआ था। इससे उनका गहरा नाता यहां से बन गया। भक्तिकालीन श्रीकृष्ण भक्ति शाखा के अग्रणी वल्लभाचार्य जी श्रीनाथ जी के अनन्य भक्त थे। उन्होंने श्री कृष्ण के स्वरूप और लीलाओं का वर्णन करते हुए कई ग्रंथों की रचना की। उन्होंने पुष्टिमार्ग के रूप में श्रीकृष्ण के प्रेम और स्नेह से परिपूर्ण भक्ति मार्ग दिखाया। पुष्टिमार्ग को कई लोगों ने अपनाया। उनके प्रसिद्ध शिष्य सूरदास जी ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाया और कृष्ण प्रेम का माधुर्य लिए कई प्रसिद्ध रचनाएं लिखी। श्री बघेल ने कहा है कि वल्लभाचार्य जैसे महापुरूष के जन्म से छत्तीसगढ़ की धरा भी धन्य हुई है। मुख्यमंत्री ने महाप्रभु वल्लभाचार्य की जयंती पर उन्हें किया नमन

16 Apr 2023 02:54AM,
by: Tikendra Sinha
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पुलवामा हमले में जम्मू कश्मीर के तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक के द्वारा उठाये गये सवालों का जवाब मोदी सरकार को देना चाहिये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि पुलवामा का सच क्या है? पुलवामा हमले के तुरंत बाद जब राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने प्रधानमंत्री से इस मसले पर सवाल खड़ा किया तथा जांच को कहा तो उनसे चुप रहने को क्यों कहा गया? तत्कालीन राज्यपाल मलिक दावा कर रहे कि सीआरपीएफ ने अपने जवानों को ले जाने जहाज की मांग किया था लेकिन गृह मंत्रालय ने मना कर दिया था ऐसा क्यों हुआ? देश जानना चाहता है। सत्यपाल मलिक यह भी कह रहे कि उन्होंने प्रधानमंत्री से पुलवामा हमले के तुरंत बाद जिमकार्बेट पार्क में फोन पर बात किया था। उन्होंने इस मामले में चुप रहने किसी से भी बात नहीं करने को कहा था प्रधानमंत्री ने ऐसा क्यों कहा था? इसके बारे में भी देश को बताना चाहिये।  देश की जनता जानना चाहती है पुलवामा का सच क्या है?-मोहन मरकाम

16 Apr 2023 02:54AM,
by: Tikendra Sinha