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यूँ तो भारत देश मे क्रिकेट का खेल हो तो वैसे ही दीवानगी देखते बनती है। पुरुषों के प्रभुत्व वाले खेल में खिलाड़ियों की स्थिति राजनीतिज्ञों, फ़िल्म कलाकार के बराबर या कभी कभी उनसे भी ज्यादा होती है। पुरुषों के साथ साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलने वाली महिलाओं ने भी इस खेल मे रुचि दिखाना शुरू किया और अब क्रिकेट के आका भी समझने लगे है कि महिलाएं भी इस खेल में आगे बढ़ रही है। आज अगर क्रिकेट के प्रशंसकों ने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय महिला टीम को बेटिंग और बॉलिंग के साथ फील्डिंग करते देखा होगा तो उनको पुरुषों के बराबर या कभी कभी उनसे बेहतर खेल देखने का मौका मिला होगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम इन दिनों न्यूजीलैंड में एकदिवसीय क्रिकेट चैंपियनशिप में शिरकत कर रही है। अपने पहले मैच में पाकिस्तान को हराने में बाद मेजबान न्यूजीलैंड से हार के बाद आज वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो की पोजिशन में आ गयी थी। आज का दिन स्मृति मांधना और हरमनप्रीत कौर का था जिन्होंने ऐसा मोर्चा सम्हाला कि इसकी चर्चा बहुत दिनों तक होगी। स्मृति और हरमनप्रीत दोनो ही देश की स्थापित अनुभवी खिलाड़ी है। स्मृति को दुनियां में शानदार आक्रमक ओपनर के नाम से जाना जाता है वहीं हरमनप्रीत को दाये हाथ के आक्रामक बल्लेबाज के रूप में पहचान मिली हुई है लेकिन आज दोनो बल्लेबाजों ने अपने स्वभाव के विरूद्ध पहले बल्लेबाज़ी की दोनों ने चौथे विकेट के लिए 182 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को 317 रन के शानदार खाते पर पहुँचाने में सफल रही। स्मृति और हरमनप्रीत ने अपने अपने शतक 123 और 109 रन का योगदान दिया। ये शतक टीम के गेंदबाज़ों के लिए बड़ा सहयोग था जिसके कारण वेस्टइंडीज की टीम शुरू के 12 ओवर में 100 रन पर 1 विकेट खोने के बाद ताश के पत्तो के समान 162 रन पर ढह गई। 155 रन की जीत भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए आगे इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका से खेलना है इनसे मिलने वाली जीत सेमीफाइनल का रास्ता खोलने वाली होगी। ये आयोजन भारत की कप्तान मितालीराज के लिए अंतिम चेम्पियनशिप है इसके बाद वे संन्यास लेने वाली है अगर टीम शानदार प्रदर्शन करती है तो ये उनके लिए भी यादगार रहेगा। वैसे दोनो खिलाड़ी क्रिकेट के तीनों फार्मेट टेस्ट,वनडे और टी20 के जबरदस्त खिलाड़ी है। ऑस्ट्रेलिया में होनेवाले लीग मैच में दोनों की भारी मांग है। आनेवाले मैच में इन दोनों के शतक से दूसरे खिलाड़ी प्रेरणा लेंगे। शाबाश स्मृति शाबाश हरमन

13 Mar 2022 05:49AM,
by: Naveen kumar sahu
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राष्ट्रपति जो बाइडन ने लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और रोमानिया जैसे देशों में रूस से सटी सीमा पर अपने 12,000 सैनिक तैनात किए हैं। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि वे लड़ाई में कूदकर तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत नहीं करने जा रहे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी यूक्रेन के खिलाफ छेड़े गए युद्ध में कभी विजयी नहीं होंगे। बाइडन ने हाउस डेमोक्रेटिक कॉकस के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका भले ही यूक्रेन में तीसरा विश्वयुद्ध नहीं लड़ने जा रहा, लेकिन वह नाटो के दायरे में आने वाली हर इंच जमीन की रक्षा करेगा। उत्तर एटलांटिक संधि क्षेत्र (नाटो) 30 उत्तर अमेरिकी और यूरोपीय देशों का एक सैन्य समूह है। बाइडन ने कहा कि रूसी आक्रमण से निपटने में यूक्रेनी लोगों ने जबरदस्त बहादुरी व साहस दिखाया है, लेकिन अमेरिका द्वारा प्रदान की जाने वाली सुरक्षा सहायता उनके बचाव में अहम रही है। राष्ट्रपति बाइडन बोले- यदि हमने यूक्रेन पर जवाबी कार्रवाई की तो तीसरा विश्वयुद्ध निश्चित है।

13 Mar 2022 01:21AM,
by: Imran Khan