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किसी भी चुनाव में जीत और हार के लिए एक वोट का अंतर ही काफी है लेकिन 25लाख वोट के संसदीय क्षेत्र में कई प्रत्याशी ऐसी बढ़त लेते है कि लगता है जनमत एकतरफा चला गया है। दूसरी तरफ सांस रोक देने वाले नतीजे भी आते है जब एक एक ईवीएम से प्रत्याशी आगे पीछे होते है।विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनावी इतिहास में सबसे अधिक मतों से जीत हासिल करने का रिकॉर्ड के सी पाटिल के नाम दर्ज हैं तो सबसे कम वोट से विजय प्राप्त कर लोकसभा पहुंचने का सौभाग्य भारतीय जनता पार्टी के सोम मरांडी और कांग्रेस के कोंथाला रामकृष्ण को मिला है।देश में हुए सोलह आम चुनावों में से 1952से 2014 तक हुए 16लोकसभा चुनाव के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 2019में के सी पाटिल ने लोक सभा सीट नवसारी से 6.89मतों से जीत दर्ज की थी।भाजपा के सोम मरांडी के नाम 1998 के चुनाव में बिहार के राजमहल संसदीय क्षेत्र से सबसे कम मात्र नौ मतों से जीत हासिल करने का रिकॉर्ड दर्ज है। इसके अलावा 1989 के आम चुनाव में आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली संसदीय सीट से कांग्रेस के कोंथाला रामाकृष्ण ने भी नौ मतों के अंतर से विजय पाई थी। लोकसभा चुनाव सबसे अधिक और कम मतों से जीतने वाले सांसद

28 Mar 2024 11:24AM,
by: Babuaa Desk
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 भारत में दिल्ली से हरिद्वार राजमार्ग 334 पर जब आप सफर करते है तो लाभाग 80किलोमीटर क्लीन के बाद मेरठ शहर के बाहर बाहर हरिद्वार के लिए निकल जाते है। वैसे तो वर्तमान में खेल समानो का उत्पादक शहर और सोने के बड़े बाजार के रूप में स्थापित मेरठ शहर रावण की पत्नी मंदोदरी के पिता मय दानव के राज्य मायापुरा और 1857 के गदर (क्रांति) के लिए विख्यात है। कारतूस में हिंदुओ के द्वारा गाय और मुस्लिमो द्वारा सुअर के मांस के बने कार्टियेज के नाम पर गदर हुआ था। " दिल्ली चलो"नारा मेरठ की ही देन है।अब ये मेरठ लोकसभा चुनाव में चर्चे पर है।कारण भी है कि भाजपा ने मेरठ से मेरठ के ही अरुण गोविल को अपना प्रत्याशी बनाया है।  मेरठ से मेरठ के राम आयेंगे !

26 Mar 2024 12:33PM,
by: Babuaa Desk