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 8मार्च कहने के लिए एक दिन है लेकिन ये दिन दुनियां की आधी आबादी की चेतना के जीत की एक तारीख है। सौ साल से भी अधिक समय पहले दुनियां के एक हिस्से में महिलाओ ने सरकार को चुनने के लिए मतदान का अधिकार की मांग की थी। 1910 में जर्मनी की एक्टिविस्ट क्लारा जेटकीन के प्रयासों से विश्व महिला दिवस की शुरुवात हुई थी। 114सालो में आधी आबादी ने जितनी तेजी से गति पकड़ी है अगर उसे देखे तो ये लगता है कि आने वाले समय में वे बराबरी की बात को छोड़ दे तो वे आगे निकलने का सामर्थ्य रखती है। पश्चिमी देशों में स्त्रियों के अधिकार के मायने हमारे देश की तुलना में जुदा जुदा है। वे पहनावा, रहन सहन , कामकाज के साथ विवाह,परिवार के आकार और मतभेद होने की स्थिति में स्वतंत्र जीवन जीने का भी अधिकार रख रही है। उनके यहां स्त्रियां अगर देह व्यापार जैसे कार्य में भी संलिप्त है तो समाज में उनके सम्मान में कमी नहीं है। आधी आबादी और पूरा जश्न

08 Mar 2024 11:37AM,
by: Babuaa Desk
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सरस्वती पूजा याने बसंत पंचमी के एक दिन पहले प्रदेश  के  विधानसभा में छत्तीसगढ़ की महिला एवम बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रेडी टू  इट योजना से जुड़ी दो लाख से अधिक महिलाओ की दुआ ले ली।  रेडी टू इट योजना का संचालन पूर्व की भाजपा सरकार में  महिला स्व सहायता समूह के द्वारा किया  आंगन बाड़ी केंद्रों के लिए किया जाता था।
  छत्तीसगढ़ के भटगांव  विधान सभा क्षेत्र से लक्ष्मी राजवाड़े 43962 हजार मतों से निर्वाचित  होने वाली  प्रत्याशी है। लक्ष्मी राजवाड़े  ने कांग्रेस के विधायक  परसनाथ राजवाड़े को पराजित किया था। लक्ष्मी राजवाड़े जिला पंचायत की सदस्य  रही है और भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रही है। उन्हे  महिला बाल विकास मंत्री ने  13हजार ग्राम पंचायतों सहित शहरी निकायों के प्रत्यक्ष तौर पर 65हजार और अप्रत्यक्ष तौर लाखो महिला के पक्ष में ऐतिहासिक  निर्णय लेने की घोषणा की। रेडी टू इट कार्यक्रम में महिला स्व सहायता समूह से लेकर बीज विकास निगम जिसके अध्यक्ष  अग्नि चंद्राकर थे उस निगम को केंद्रीय सरकार के नियमो के आड़ में मशीन के माध्यम से निर्मित पोषक आहार देने का काम हस्तांतरित किया गया था। अग्नि चंद्राकर, कोयला घोटाले के मास्टर माइंड सूर्यकांत तिवारी के ससुर होते है। अग्नि चंद्राकर के परिवार के बहुतेरे सदस्य  कोयला घोटाले के पैसे की विनियोग करने के लिए ईडी के जांच के दायरे में है।  
 किसी भी अच्छे कार्य के लिए अच्छी नियत का होना अनिवार्य है। पिछले शासन काल में जनता के कल्याण के पीछे लिए जाने  निर्णयों में खोट की मात्रा आटे में नमक के बराबर नहीं बल्कि  नमक में आटे के बराबर थी। 
छत्तीसगढ़ के ऐसे लोग जो अभाव में जीने के लिए मजबूर है और सरकार जिसकी जिम्मेदारी ऐसे लोगो के कल्याण कर जीवन स्तर सुधारने का है वे  नारी सशक्तिकरण के बजाय  खुद के सशक्तिकरण में लग गए। छत्तीसगढ़ के लोगो को हाथ से बना पोष्टिक आहार खाने की आदत है।इसके लिए महिला बाल विकास विभाग ने महिला स्वयं सहायता समूह को ये जिम्मेदारी दी थी। दो लाख महिलाओ के हाथ में रोजगार और अर्थ लाभ अच्छे से हो रहा था। पिछली सरकार को केंद्र सरकार का आड़ मिला।चाहते तो जो कार्य निर्विघ्न चल रहा था उस पर मोहर लगाते लेकिन   बीज विकास निगम और सूर्यकांत तिवारी सहित निगम के अध्यक्ष को लाभान्वित करना था। पलक झपकते कठोर निर्णय ले लिए और दो लाख  महिलाओ को वंचित कर दिए। पिछली सरकार के द्वारा लिए गए निर्णय में  बीज विकास निगम के कार्य की जांच होना चाहिए जहां आपूर्ति घोटाला निश्चित रूप से हुआ है।
माना कि मशीनीकरण का युग है लेकिन जिस देश में हाथो की संख्या अनगिनत हो वहां संतुलन बनाना सरकार की जिम्मेदारी होती है। ये संवेदनशीलता है लेकिन पिछली सरकार ने ये भ्रम तोड़ दिया।
 कल विधानसभा में राज्य की महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बहुत साहसिक निर्णय लेकर लाखो महिलाओ के  विगत दो सालो से कचोटते मन को ठंडक पहुंचाने का काम किया है।श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने साहसिक  निर्णय लेकर ये पुष्ट किया है कि वे महिला सशक्तिकरण की वाहक है और जनहित में कार्य करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने भाजपा का "हमनें बनाया है हम ही सवारेंगे" कहावत को चरितार्थ किया है।कल विधान सभा में वे बधाई की हकदार बनी है आज प्रदेश की महिलाएं उनके परिवार के लोग बधाई प्रेषित कर रहे है। हम क्यों पीछे रहे हमारी भी शुभकामनाएं श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के लिए है
  शाबाश लक्ष्मी राजवाड़े जी

14 Feb 2024 08:33AM,
by: Babuaa Desk