01 Jun 2022

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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय समिति ने आह्वान के द्वारा 25 से 31 मई को पूरे देश भर में मंहगाई और बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी अभियान के तहत माकपा कार्यकर्ताओं ने रायपुर में रैली निकालकर जबर्दस्त प्रदर्शन और आमसभा की तथा केंद्र सरकार से पेट्रो पदार्थों पर उत्पाद शुल्क खत्म करने की मांग की । रायपुर में डंगनिया से रैली निकाला गया जो नगर भ्रमण के बाद बाजार में एक बड़ी सभा में तब्दील हो गई । इस मौके पर आमसभा को संबोधित करते हुए माकपा नेता धर्मराज महापात्र ने कहा कि बढ़ती महंगाई की सबसे बड़ी मार इस देश के शहरी-ग्रामीण गरीबों, वंचितों और आर्थिक रूप से कमजोर तबकों पर पड़ रही है। यह महंगाई भाजपा की मोदी सरकार की नीतियों की उपज है, जिसके राज में वर्ष 2014 के मुकाबले पेट्रोल-डीजल-गैस की कीमतों में कमरतोड़ वृद्धि हुई है और जिसका सीधा प्रभाव हमारे उत्पादन और माल की कीमतों पर पड़ता है। इस महंगाई ने हमारे देश औद्योगिक विकास और आजीविका और रोजगार को भी प्रभावित किया है और कोरोना संकट से जुड़कर बेरोजगारी चरम पर पहुंच चुकी है। पिछले साल की तुलना में आज सकल महंगाई दर 8% है -- यानी बाजार में पिछले वर्ष के 100 रुपये की जगह आज 108 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सब्जियों के दाम में 20%, फलों में 5%, मसालों में 11%, खाद्य तेलों में 23%, दालों में 8%, दूध में 7%, आलू में 30%, टमाटर में 113% और गेहूं के भाव में 14%, परिवहन भाड़ों में 11% तथा बिजली की दर में 10% की वृद्धि हुई है। पेट्रोल-डीजल-गैस की कीमतों में एक साल में ही 70% से ज्यादा की वृद्धि हुई है। इस अभूतपूर्व महंगाई ने गरीबों की कमर ही तोड़ दी है, क्योंकि महंगाई के अनुपात में उनकी मजदूरी में तो वृद्धि हुई ही नहीं है। महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ माकपा की रैली और सभा

01 Jun 2022 08:09AM,
by: Imran Khan