06 Dec 2020

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रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण किया जा रहा है। महिलाओं को विभिन्न रोजगार मूलक योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। राज्य के सुदूर आदिवासी अंचलों की महिलाएं भी उद्योग, व्यवसाय से जुड़ रही है। दंतेवाड़ा जिले की महिलाएं पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। इन दिनों महिलाएं सीमेंट के खंभे और फेंसिंग जाली निर्माण कर रही हैं। महिलाएं इस स्वरोजगार से खुद को सक्षम बनाएंगी और दूसरी महिलाओं को इस व्यवसाय के लिए प्रेरित करेंगी। महिलाएं अब तक सीमेंट पोल व जाली बनाने के लिए महिलाएं आगे नहीं आई थीं, लेकिन जिला पंचायत द्वारा प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा व बाड़ी के तहत जिले के महिला स्व-सहायता समूह को व्यवसाय करने प्रेरित किया गया। परिणाम स्वरूप जिले के 8 महिला स्वसहायता समूहों ने व्यवसाय करने की ठानी और उन्होंने काम शुरू कर दिया। जिले में सभी पंचायतों में देवगुड़ी, गोठान का निमार्ण किया जा रहा है। जिसमें घेराव के लिए सीमेंट पोल की आवश्यकता पड़ती है, इसके लिए जिले के 8 स्व-सहायता समूहों द्वारा सीमेंट पोल का निमार्ण किया जा रहा है। वर्तमान स्थिति तक 4950 पोल, जिसे 14 लाख 85 हजार रूपये तक बेच चुके है। इस गतिविधि से 80 परिवार लाभान्वित हो रहे है। जिले में दिशा महिला ग्राम संगठन टेकनार, सीता महिला ग्राम संगठन गंजेनार, रानी लक्ष्मी ग्राम संगठन गाटम, दीपक महिला ग्राम संगठन मैलावाड़ा, जागृति महिला कलस्टर संगठन पेन्टा सीमेंट पोल का निमार्ण कर रही है। दूरस्थ अंचलों की महिलाएं स्वरोजगार से हो रही आत्मनिर्भर

06 Dec 2020 12:11PM,
by: Thaneshwar sahu