12 Sep 2022

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पिछले साल अगस्त के आखिर दिनों में यू ही विचार आया कि जोतेश्वर आश्रम (गाडरवारा) जिला नरसिंहपुर चला जाये। आनन फानन सड़क मार्ग से कुछ ही घण्टो में यात्रा को गति मिल गयी। रायपुर से सिमगा बेमेतरा कवर्धा होते हुए जब यात्रा आगे बढ़ी तो कान्हा नेशनल पार्क के पहले मुक्की गेट के पास तेज़ी से बारिश होने लगी। रात तक हम लोग भेड़ाघाट के एमपी टूरिज्म के होटल में रुके । यात्रा का यह पहला पड़ाव था। दूसरे दिन हम लोग गाडरवारा के लिए रवाना हो गए।नरसिंहपुर से बीस किलोमीटर पहले घने सुरम्य जंगल के बीच जोतेश्वर आश्रम में प्रवेश किये तो आसमान में बदली की परत चढ़ी हुई थी। त्रिपुर सुंदरी के भव्य मंदिर में दर्शन करने के बाद यही के भोजनालय में स्वादिष्ट भोजन करने के बाद हम लोग स्वामी स्वरूपानंद जी के आश्रम की तरफ पैदल बढ़ने लगे। रास्ते मे उनके सालो के तपस्या के लिए उपयोग की गई शिला और रहने की गुफा के अलावा वो पेड़ भी देखे जिसमे वे रात्रि को कमर में कपड़ा बांध कर नींद भी सो लेते थे, देखने का सौभाग्य मिला।  स्वामी स्वरूपानंद जी और आध्यात्मिक यात्रा

12 Sep 2022 07:13AM,
by: Babuaa Desk