18 Jun 2022

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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव और लेखक सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद पर दबाव बनाकर वर्ष 1951 में संविधान में राजद्रोह जुड़वाया था। शिमला में अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव ‘उम्मेष’ के दूसरे दिन शुक्रवार को गेयटी थियेटर के मुख्य सभागार में चर्चा में शामिल होते हुए सच्चिदानंद जोशी ने साहित्य और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन विषय पर बेबाकी से शब्द बाण छोड़े। जोशी ने राजनेताओं पर अपने स्वार्थ के लिए संविधान में इस संशोधन को करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि मई 1951 तक नेहरू राजद्रोह कानून के खिलाफ थे। जून में उन्होंने राष्ट्रपति पर दबाव बनाते हुए संविधान में संशोधन करवा दिया। 18 जून को यह संशोधन हुआ था। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट की ओर से राजद्रोह कानून पर रोक लगाने का फैसला होने के बाद देश भर चर्चित इस मामले का उल्लेख करते हुए जोशी ने कहा कि वर्ष 1870 में स्वाधीनता आंदोलन को कुचलने के लिए अंग्रेजी हुकूमत ने राजद्रोह कानून लागू किया था।

18 Jun 2022 12:27AM,
by: Imran Khan