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केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन्फोसिस के सह-संस्थापक और चेयरमेन नंदन नीलेकणि को ट्विटर पर टैग करते हुए कहा कि “वे उम्मीद करते हैं कि इन्फोसिस और नीलेकणि आयकरदाताओं को प्रदान की जा रही सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर निराश नहीं करेंगे. ” गौरतलब है कि आयकर विभाग की नए ई-फाइलिंग वेबसाइट के डिजाइन और उसके मेन्टिनेंस की जिम्मेदारी आईटी कंपनी इन्फोसिस को ही दी गई है. निर्मला सीतारण ने ट्वीट करते हुए कहा- “बहुप्रतीक्षित ई-फाइलिंग पोर्टल 2.0 को पिछली रात 8.45pm पर लॉन्च कर दिया गया. लेकिन इसमें कई खामियां और शिकायतें मिल रहीं हैं. उम्मीद है कि इन्फोसिस और नंदन नीलेकणि आयकरदाताओं को प्रदान की जा रही सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर निराश नहीं करेगे. करदाताओं के लिए अनुपालन में आसानी हमारी प्राथमिकता है.” "आयकरदाताओं को ना करें निराश" : निर्मला सीतारमण

08 Jun 2021 04:11PM,
by: Vikash Kumar
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सांसद विजय बघेल ने कहा कि उनके पास लगातार किसानों की शिकायतें आ रही है कि भूपेश सरकार द्वारा खराब हो चुके गोबर को प्राथमिक साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को जबरदस्ती बेचा जा रहा है। सांसद विजय बघेल ने कहा कि भूपेश सरकार द्वारा खराब गोबर को गोबर खाद/ऑर्गेनिक मैन्योर के नाम पर बेचा जा रहा है, जिसके मानक का कोई ठिकाना नहीं है, यह एक अमानक खाद है जिसे जबरदस्ती किसानों को खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने 44 हजार टन गोबर खरीदा इसमें से केवल 1 हजार टन से ही वर्मी कंपोस्ट बनाया गया, बाकी 43 हजार टन गोबर कु-प्रबंधन और अव्यवस्था के चलते खराब हो गया, जिसके नुकसान की भरपाई भूपेश सरकार गरीब किसानों से करना चाहती है, इसी कारण बचे हुए खराब गोबर को सामान्य गोबर खाद/ऑर्गेनिक मैन्योर के नाम से किसानों को जबरदस्ती बेचा जा रहा है। 

08 Jun 2021 03:30PM,
by: Vikash Kumar