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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को फ़ोन पर वैश्विक ऊर्जा, खाद्य बाज़ार और द्विपक्षीय संबंध को लेकर बात की है. पीएम मोदी ने कृषि उत्पाद, उर्वरक और फार्मा उत्पाद को लेकर भी बात की है. पीएम मोदी तीन दिन पहले ही जी-7 समिट से लौटकर आए हैं. जर्मनी में हुए जी-7 समिट में सदस्य देशों ने पुतिन पर जमकर निशाना साधा था. ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने तो पुतिन की माचो छवि का मखौल भी उड़ाया था. भारत उन दोनों गुटों में शामिल है, जिसे रूस अपना विरोधी मानता है और अमेरिका अपना विरोधी. क्वॉड में भारत है और रूस इसे पसंद नहीं करता है जबकि ब्रिक्स में भारत है और इसे अमेरिका पसंद नहीं करता है. पिछले साल दिसबंर महीने में पुतिन भारत वार्षिक समिट में आए थे. इस बातचीत में दोनों नेताओं ने वर्षिक समिट में हुए समझौते कितने लागू हुए, इसकी भी समीक्षा की. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ''दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर ज़ोर दिया. ख़ास कर फार्मा, कृषि और उर्वरक को लेकर बात हुई. इसके अलावा अंतराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा और खाद्य बाज़ार की स्थिति पर भी चर्चा हुई. यूक्रेन संकट पर पीएम मोदी ने भारत का रुख़ दोहराया है कि संवाद के ज़रिए इसका समाधान तलाशना चाहिए.''

01 Jul 2022 01:46PM,
by: Imran Khan