Imran Khan

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जशपुर- जशपुर में इंसानियत को शर्मशार करने का मामला सामने आया है, जहां पीड़िता को उसके ही रिश्तेदारों ने महज चंद रुपयों के लिए बेच था और जबरन शादी भी करवाई दी। पुलिस ने मानव तस्करी की शिकार हुई युवती को उतरप्रदेश के कानपूर से बरामद करते हुए चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। तपकरा पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। दरअसल घर बसाने के लालच में उत्तरप्रदेश के दो आरोपी ने एक महिला दलाल और उसके पति के सहयोग से जशपुर की एक बेटी को रोजगार का लालच देकर जाल में फांस लिया और तीन माह तक पीड़िता का दैहिक शोषण करता रहा। जानकारी देते हुए तपकरा थाना प्रभारी वीएन शर्मा ने बताया कि बीते 13 मार्च को पीड़िता के परिजनों ने थाने में शिकायत करते हुए बताया कि आरोपिता चांदनीबाई ने पीड़िता को रोजगार का लालच देकर उत्तर प्रदेश के कानपुर ले गई है। मामले में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जब साइबर सेल की मदद से पीड़िता का लोकेश ट्रेक किया तो कानपुर जिले के शिवराजपुर थाना अंतर्गत ग्राम सदिकामऊ में पीड़िता के होने की पुष्टि हुई। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए जशपुर पुलिस की टीम ने पीड़िता को आरोपित रवि दीक्षित,उसके बड़े भाई अमित दीक्षित,विशाल दुबे और चांदनी बाई के साथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया है कि सभी आरोपी ने मिल कर उसकी मर्जी के बिना उसकी शादी रचाई थी और शादी से पहले और उसके बाद, रवि दीक्षित उसका दैहिक शोषण कर रहा था।थाना प्रभारी वंशनारायण शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी में जुटी है।

28 Nov 2020 08:19AM,
by: Imran Khan
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जशपुर- जशपुर में इंसानियत को शर्मशार करने का मामला सामने आया है, जहां पीड़िता को उसके ही रिश्तेदारों ने महज चंद रुपयों के लिए बेच था और जबरन शादी भी करवाई दी। पुलिस ने मानव तस्करी की शिकार हुई युवती को उतरप्रदेश के कानपूर से बरामद करते हुए चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। तपकरा पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। दरअसल घर बसाने के लालच में उत्तरप्रदेश के दो आरोपी ने एक महिला दलाल और उसके पति के सहयोग से जशपुर की एक बेटी को रोजगार का लालच देकर जाल में फांस लिया और तीन माह तक पीड़िता का दैहिक शोषण करता रहा। जानकारी देते हुए तपकरा थाना प्रभारी वीएन शर्मा ने बताया कि बीते 13 मार्च को पीड़िता के परिजनों ने थाने में शिकायत करते हुए बताया कि आरोपिता चांदनीबाई ने पीड़िता को रोजगार का लालच देकर उत्तर प्रदेश के कानपुर ले गई है। मामले में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जब साइबर सेल की मदद से पीड़िता का लोकेश ट्रेक किया तो कानपुर जिले के शिवराजपुर थाना अंतर्गत ग्राम सदिकामऊ में पीड़िता के होने की पुष्टि हुई। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए जशपुर पुलिस की टीम ने पीड़िता को आरोपित रवि दीक्षित,उसके बड़े भाई अमित दीक्षित,विशाल दुबे और चांदनी बाई के साथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया है कि सभी आरोपी ने मिल कर उसकी मर्जी के बिना उसकी शादी रचाई थी और शादी से पहले और उसके बाद, रवि दीक्षित उसका दैहिक शोषण कर रहा था।थाना प्रभारी वंशनारायण शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी में जुटी है।

28 Nov 2020 07:06AM,
by: Imran Khan
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दिल्ली पुलिस ने कहा है कि शुक्रवार को किसानों को राजधानी आने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त दे दी गई है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें बुराड़ी के एक मैदान में प्रदर्शन करने की अनुमति दी है। किसान केंद्र सरकार के नए कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे हैं और सरकार से उनकी चिंता पर ग़ौर करने की अपील कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ईश सिंघल ने कहा है, किसानों के नेताओं के साथ बातचीत करने के बाद उन्हें बुराड़ी के निरंकारी मैदान में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने की इजाज़त दी गई है। हम किसानों से अपील करते हैं कि वो शांति बनाए रखें। इससे पहले पंजाब और हरियाणा से बड़ी संख्या में किसानों का समूह तीन दिनों तक लगातार मार्च करते हुए राजधानी दिल्ली के क़रीब पहुंचा था। किसानों के मार्च के मद्देनज़र सिंघु बॉर्डर पर पुलिस की भारी तैनाती की गई थी। यहां किसानों के साथ पुलिस की झड़पें भी हुईं। दिल्ली की तरफ बढ़ रहे किसानों को तितर - बितर करने के लिए पुलिस से आंसूगैस के गोले छोड़े। समाचार एजेंसी के अनुसार किसानों की तरफ से भी पुलिस पर पत्थर फेंके गए। इसके बाद जहां कुछ किसान दिल्ली के भीतर आए वहीं कुछ ने सिंघु बॉर्डर पर ही डेरा डाल दिया और कहा कि जब तक उनकी माँगे पूरी ना हो जाए वो वहीं डटे रहेंगे। इधर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से अपील की है कि किसान विरोध प्रदर्शन ख़त्म करें,सरकार सभी मुद्दों पर उनसे बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार के लाए नए कृषि क़ानूनों से किसानों के जीवन में बड़े बदलाव आएंगे। उन्होंने तीन दिसंबर को किसानों बातचीत की पेशकश की है। पंजाब और हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश के किसानों ने भी लखनऊ समेत की कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए। यहां मुज़फ़्फ़रनगर, मेरठ, बागपत, झांसी और जालौन में किसानों ने रास्ता रोक कर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने स्टेडियम को जेल में तब्दील करने की पुलिस की गुज़ारिश को मानने से इनकार कर दिया था। दिल्ली प्रदेश के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना था कि देश का संविधान हर नागरिक को विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त देता है और इसके लिए उन्हें जेल में नहीं डाला जा सकता। उन्होंने कहा कि जेल इस समस्या का समाधान नहीं है और केंद्र सरकार को किसानों की मांगों पर विचार करना चाहिए। तक तक डटे रहेंगे जब तक मांगें पूरी न हो जाएं'

28 Nov 2020 03:08AM,
by: Imran Khan
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पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया में टेस्ट से गुजर रही ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राज़ेनिका की वैक्सीन कोविशील्ड रेस में सबसे आगे है। जबकि इस वैक्सीन को बनाने वाली ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्रेजनेका ने अन्य देशों में तीसरे फेस का ट्रायल खत्म कर दिया है और वैक्सीन अप्रूवल के लिए यूके अथॉरिटी के सामने प्रपोजल भेजा है। यह वैक्सीन फेज-3 के परीक्षण में करीब 94 फीसदी तक कामयाब रही थी लेकिन वैज्ञानिको के कान उस वक्त खड़े हो गए जब ट्रायल के स्टेज 3 में प्रारंभिक आंकड़ों में 2 अलग-अलग तरह के प्रभाव दिखे। वैक्सीन डोजिंग के एक तरीके में ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका वैक्सीन 90% असरदार पाई गई और दूसरे तरीके में 62% असरदार रही। यही वजह है कि कंपनी ने एक बार फिर से जांच का मन बनाया है। भारत बायोटेक के स्वदेशी वैक्सीन के तीसरे चरण का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो गया है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से इसकी इजाजत मिल चुकी है। तीसरे चरण के परीक्षण में कोवैक्सिन की ये खुराक 18 साल या उससे ऊपर के करीब 28,500 लोगों को दी जाएगी। देश के सबसे भरोसेमंद अस्पतालों में से एक दिल्ली के एम्स में कोवैक्सिन का ट्रायल शुरू हो गया है। बता दें कि अहमदाबाद में भारत की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन जायकोव-डी का ट्रायल चल रहा है। पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड का ट्रायल किया जा रहा है।जबकि हैदराबाद में भारत बायोटेक और आईसीएमआर मिलकर स्वदेशी कोवैक्सिन तैयार कर रहे हैं। कहां तक पहुंचा वैक्सीन बनाने का काम

28 Nov 2020 03:05AM,
by: Imran Khan
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ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह की तेहरान में हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद ईरान और इजरायल में तल्खियां और बढ़ गई हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने हत्या में इजरायल के शामिल होने के सबूत मिलने की बात कही है। उनका कहना है कि फखरीजादेह की हत्या में जो शुरुआती जानकारी मिली है उससे वैज्ञानिक की हत्या में इजरायल के शामिल होने के गंभीर सबूत मिले हैं। ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ का कहना है कि इजरायल ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। जरीफ ने ट्विटर पर लिखा। आतंकियों ने एक वरिष्ठ ईरानी वैज्ञानिक की हत्या कर दी।इस हत्या से इजरायल की भूमिका का पता चलता है कि इजरायल युद्ध के लिए उतावला है। जावेद का कहना है कि मारे गए वैज्ञानिक का नाम बेंजामिन नेतन्याहू पहले एक कार्यक्रम में ले चुके हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक फखरीजादेह की तेहरान के समीप हत्या कर दी गई। उनके कार पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाईं जिसके बाद वह घायल हो गए‌ अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक लंबे अर्से से आरोप लगाए जा रहे थे कि फखरीजादेह 2003 में रोके गए ईरान के गुप्त परमाणु बम कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे थे। हालांकि ईरान परमाणु हथियार बनाने के आरोप का लगातार खंडन करता रहा है। ईरान के मिलिट्री कमांडर हुसैन देहघन ने ट्वीट किया है कि, हम इस हत्या का जोरदार बदला लेंगे और इस घटना के पीछे शामिल लोग अपने किए पर पछताएंगे। फिलहाल किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इजरायल ने भी ईरान के आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बता दें कि मोहसिन फखरीजादेह को द फादर ऑफ ईरानियन बॉम्ब कहा जाता था‌

28 Nov 2020 03:05AM,
by: Imran Khan