Tikendra Sinha

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जीरम की 10वीं वर्षगांठ पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि जब तक जीरम के गुनाहगारों को सजा नहीं मिलती कांग्रेस शांत नहीं बैठेगी। भाजपा जीरम का सच सामने आने नहीं दे रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा डरती है जीरम का सच सामने आ जायेगा तो वह बेनकाब हो जायेगी। रमन सिंह से बड़ा क्रूर शासक आजाद भारत में आज तक नहीं हुआ। एक साथ विपक्ष के 31 नेताओं की हत्या हो गयी और तत्कालीन सरकार सच सामने आने देने से रोकने में पूरी ताकत लगा रखी थी। भाजपा के बड़े नेता जीरम की जांच को रोकने लगातार कोशिशें कर रहे उसमें साफ हो रहा जीरम के पीछे तत्कालीन भाजपा सरकार की भूमिका संदिग्ध है। रमन से बड़ा क्रूर शासक आजाद भारत में कोई नहीं हुआ - कांग्रेस

27 May 2023 05:13AM,
by: Tikendra Sinha
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दूध के सही दाम न मिलने से महासमुंद जिले के गोड़बहाल गांव में पशुपालन लगभग खत्म हो रहा था, लेकिन वहां के सरपंच व ग्रामीणों ने हार नहीं मानी। सरपंच श्री सादराम पटेल ने पहल कर पांच समिति बनाया, दूध से बनने वाले उत्पादों के लिए कुछ ग्रामीणों को ट्रेनिंग दिलायी और आज ये सभी पनीर, खोआ, दही, पेड़ा और राबड़ी को बेचकर अच्छी कमाई कर रहे है। पिथौरा में दुग्ध उत्पाद विक्रय केंद्र नाम से दुकान भी डाली है। गोड़बहाल गौठान में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) में दुग्ध प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किया। इसके अलावा माटीकला, पेवर ब्लॉक के साथ महिला समूह वर्णित कम्पोस्ट के साथ ही स्थानीय बाज़ार की मांग अनुसार मसाले, पापड़, अचार, आदि सामग्रिया का उत्पादन कर अपनी आमदनी में अतिरिक्त इजाफा कर रही है। 

27 May 2023 05:13AM,
by: Tikendra Sinha
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रायपुर जिले का बनचरौदा गौठान दस से अधिक अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से लगभग 100 से ज्यादा महिलाओं को जोड़कर मल्टी टाॅस्किंग, मिनी रीपा के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। आरंग विकासखण्ड के बनचरौदा गांव का गौठान पशुओं के सेहत का ध्यान रखने, नस्ल सुधार से लेकर गांव की 100 से ज्यादा महिलाओं के लिए दैनिक रोजगार उपलब्ध करा रहा है। इस गौठान में गांव के लगभग 700 पशुधनों का समय-समय पर टीकाकरण, नस्ल सुधार और टेगिंग का काम किया जा रहा है। पशुधन विकास विभाग पहले इसके लिए घर-घर जाता था। अब पशुओं के टीकाकरण, रोग-बीमारियों का ईलाज एक साथ एक जगह पर ही हो जा रहा है। इसके साथ ही बनचरौदा के गौठान में ग्यारह महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा कई आयमूलक गतिविधियां भी की जा रही है। 100 से अधिक महिलाएं इस गौठान में वर्मी खाद, मशरूम, नर्सरी और चारा उत्पादन, सब्जी बाड़ी, मुर्गी, मछली और बकरी पालन जैसे काम कर रही हैं। इन गतिविधियों से महिलाओं को अच्छा फायदा हो रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने से परिवार का लालन-पालन आसानी से हो पा रहा है।  मिनी-रीपा के रूप में तेजी से विकसित हो रहा बनचरौदा गौठान

27 May 2023 05:13AM,
by: Tikendra Sinha
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वर्षा ऋतु के मद्देनजर प्रदेश के 204 पहुंचविहीन इलाकों वाले जिलों की उचित मूल्य दुकानों में चार माह की राशन सामग्री का अग्रिम भण्डारण वर्षा के पूर्व कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा पहुंचविहीन इलाकों की उचित मूल्य दुकानों के लिए राशन सामग्री का आबंटन जारी कर दिया गया है। साथ ही सभी पहुंचविहीन केन्द्रों में चावल, नमक, शक्कर, गुड़ एवं चना का अग्रिम भण्डारण वर्षा के पूर्व करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही मध्यान्ह भोजन एवं पूरक पोषण आहार योजना की राशन सामग्री के अग्रिम भण्डारण हेतु भी निर्देश दिए है। विभाग द्वारा पहुंचविहीन केन्द्रों की उचित मूल्य दुकानों के लिए केरोसिन का भी आबंटन जारी कर दिया गया है, जिसका भण्डारण 31 मई तक करने के निर्देश दिए गए हैं।

27 May 2023 05:13AM,
by: Tikendra Sinha
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मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने भारत के पहले प्रधानमंत्री, भारत रत्न पंडित जवाहर लाल नेहरू की 27 मई को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री बघेल ने नेहरू जी को याद करते हुए कहा है कि पंडित नेहरू ने विकास के लिए लोकतंत्र को अपना मूलमंत्र बनाया और भारत को एक मजबूत आधार दिया। देश के सामाजिक अधोसंरचना से लेकर भौतिक अधोसंरचना तक के विकास के लिए पंडित नेहरू के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी नीतियों के कारण देश में कृषि और उद्योग के विकास का एक नया युग शुरु हुआ। भिलाई स्टील प्लांट छत्तीसगढ़ को पंडित नेहरू की अनुपम सौगात है।  मुख्यमंत्री ने पंडित नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

27 May 2023 05:12AM,
by: Tikendra Sinha
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के साहित्य मनीषी, कुशल अध्यापक और सम्पादक श्री पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि मास्टरजी के नाम से जाने वाले बक्शी जी ने हिन्दी साहित्य की कई विधाओं को अपनाया और साहित्य जगत में अपना अलग स्थान बनाया। सरस्वती जैसी प्रसिद्ध साहित्यिक पत्रिका का भी उन्होंने संपादन किया। पाश्चात्य निबन्ध शैली, समालोचना और ललित निबन्धों की सुन्दर परम्परा के लिए वे विशेष रूप से जाने जाते हैं। छत्तीसगढ़ की माटी की सौंधी खुशबु उनके निराले कथा-शिल्प में हमेशा मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बक्शी जी अपनी रचनाओं के रूप में विचार मूल्यों की अमूल्य थाती सौंप गए हैं। कामना है उनके साहित्य परम्परा की अविरल धारा हमेशा छत्तीसगढ़ साहित्य को पोषित करती रहे।

27 May 2023 05:12AM,
by: Tikendra Sinha