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यूनाइटेड किंगडम ने फाइजर और बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दे दी है।अमेरिका और यूरोपीय संघ के फैसले से पहले फाइजर और बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी देने वाला यूनाइटेड किंगडम पहला पश्चिमी देश बन गया है। यह वैक्सीन अगले हफ्ते से ब्रिटेन में उपलब्ध होगा। बता दें कि कुछ दिन पहले ही फाइजर कंपनी ने ऐलान किया था कि वो लैब में COVID-19 यानी कोरोना की ऐसी वैक्सीन बनाने में सफल हुई है,जो कि वायरस के सामने 96% असरदार है। कल ही जर्मनी की बायोफार्मास्यूटिकल कंपनी बायोएनटेक और उसकी अमेरिकी साझेदार फाइजर ने यूरोपिया संघ के सामने वैक्सीन रजिस्ट्रेशन के लिए औपचारिक आवेदन दिया था। ब्रिटेन की मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) से फाइजर और बायोएनटेक कोरोना वायरस वैक्सीन का आकलन करने की मंजूरी दे दी। ये एजेंसी यह भी निर्धारित करने की प्रक्रिया में है कि क्या ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कठोर सुरक्षा मानकों को पूरा करती है या नहीं। ब्रिटेन के मंत्री नादिम जहावी के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार होता है और फाइजर और बायोएनटेक द्वारा विकसित वैक्सीन को प्राधिकरण की मंजूरी मिलती है तो उसके कुछ ही घंटों में वैक्सीन का वितरण और टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। आ गई कोरोना की वैक्सीन,

02 Dec 2020 08:37AM,
by: Imran Khan
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फिल्म अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के गुरदासपुर सांसद सनी देओल कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव ने मंगलवार को सनी देओल को कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की है। हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि अभिनेता से नेता बने सनी देओल पिछले कुछ दिनों ने कुल्लू में ही रह रहे थे। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ ने बताया कि कुल्लू के मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सनी देओल और उनके दोस्त मुंबई के लिए रवाना होने की योजना बना रहे थे, हालांकि, बीजेपी सांसद ने मंगलवार को कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए। 64 वर्षीय बॉलीवुड अभिनेता देओल ने पिछले दिनों मुंबई में कंधे की सर्जरी करवाई थी और पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वह कुल्लू जिले के मनाली के पास एक फार्महाउस में स्वास्थ्य लाभ कर रहे थे। फिल्म अभिनेता-बीजेपी सांसद सनी देओल कोरोना संक्रमित

02 Dec 2020 03:05AM,
by: Imran Khan
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कोरोना वायरस की वैक्सीन का इंतजार हर किसी को है। आमतौर पर वैक्सीन को बनने में 8 से 10 साल लगते हैं, लेकिन कोरोना महामारी ने जिस तरह का आतंक मचाया, उसे देखते हुए वैक्सीन को कम समय में तैयार करने के लिए दुनिया के कई देशों को मजबूर होना पड़ा। भारत भी उन देशों में शुमार है जो कोरोना की वैक्सीन बना रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को बताया कि कोरोना महामारी के प्रभाव को देखते हुए हम 16 से 18 महीने के भीतर इस वैक्सीन को तैयार कर रहे हैं। राजेश भूषण ने कहा कि वैक्सीन बनने में 8 से 10 साल लगते हैं। सबसे जल्दी बनने वाली वैक्सीन भी 4 साल में तैयार होती है। लेकिन कोरोना महामारी के असर को देखते हुए हम इसे कम समय में बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हम कोरोना की वैक्सीन को 16 से 18 महीने के अंदर बना रहे हैं.। वहीं, राजेश भूषण ने ये भी कहा कि पूरे देश के टीकाकरण की बात सरकार ने कभी नहीं कही। उन्होंने कहा कि साइंस से जुड़े विषयों पर जब हम चर्चा करते हैं तो बेहतर होता कि यदि हम तथ्यात्मक जानकारी हासिल करें और उसके बाद विश्लेषण करें। देश में सबको नहीं लगेगा कोरोना का टीका

02 Dec 2020 02:14AM,
by: Imran Khan