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प्रदूषित हवा से सिर्फ सांस संबंधी बीमारियां ही नहीं बल्कि हार्ट और ब्रेन स्ट्रोक के साथ ही गर्भपात का भी खतरा बढ़ गया है। दिल्ली एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि द लैंसेट की स्टडी बताती है कि वायु प्रदूषण बेहद खराब श्रेणी में होने से गर्भवती के सांस लेने का असर भ्रूण पर होता है। इससे भ्रूण का विकास कम हाेता है, साथ ही गर्भपात का खतरा भी बढ़ता है। एम्स रुमेटोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. उमा कुमार ने बताया, प्रदूषण बढ़ने से गठिया मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। जिनमें गठिया का लक्षण नहीं होता, उनके खून के नमूनों में ऑटो एंटीबॉडी पॉजिटिव मिला। ऐसे लोगों की संख्या 18% थी। अब इस प्रकार के रोगियों पर दोबारा से अध्ययन किया जाएगा। प्रदूषित हवा से गर्भपात का भी खतरा: डॉ. गुलेरिया

04 Nov 2022 02:02AM,
by: Imran Khan