सूरजपुर

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अंबिकापुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरगुजा संभाग के प्रवास पर पिछले पांच दिनों से हैं। इस दौरान उन्होंने बलरामपुर और अंबिकापुर का दौरा किया और अपनी योजनाओं के साथ जनता को कई सौगात दी है। इस दौरान मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में निमंत्रण न मिलने से केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह नाराज नजर आईं।रेणुका सिंह ने कहा है कि 'मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में प्रशासन ने निमंत्रण देना भी उचित नहीं समझा गया, मेरा स्थान छत्तीसगढ़ प्रोटोकॉल में तीसरे स्थान में आता है। प्रोटोकॉल के अनुसार कलेक्टर को निमंत्रण देना था जो नहीं दिया गया, राज्य सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। बता दें छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार के 2 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित वर्चुअल मैराथन में एक लाख से ज्यादा लोगों ने दौड़ भी लगाई। बलरामपुर से सुकमा तक सभी 28 जिलों के लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। इस मैराथन के लिए सुबह 6 बजे से 11 बजे तक का समय तय किया गया था। समय- सीमा बीतने के बाद भी मैराथन जारी था। मुख्यमंत्री ने कल सोमवार को सूरजपुर में सभा को संबोधित किया और करोड़ों की सौगात दी। ताजा जानकारी के मुताबिक सूरजपुर में मौसम खराब के कारण सीएम भूपेश बघेल सूरजपुर से बाय रोड कटघोरा के लिए निकलेंगे।

15 Dec 2020 02:30PM,
by: Imran Khan
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अंबिकापुर. किसान कानून को लेकर एक ओर देशभर में किसान आंदोलन पर हैं। कानून को लेकर उनकी केंद्र सरकार से ठन गई है। वहीं कर्ज में डूबे कई किसानों द्वारा आत्महत्या भी की जा रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। दरअसल लोन पर लिए गए ट्रैक्टर की किश्त की राशि नहीं पटाने पर किसान तनाव में रहता था। 2 दिन पूर्व उसने जहर सेवन कर लिया था। उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया था लेकिन इलाज के दौरान उसने 14 दिसंबर की रात दम तोड़ दिया। सरगुजा जिले के धौरपुर थाना अंतर्गत ग्राम बबौली निवासी दशन राम पिता बोखन राम 45 वर्ष किसानी करता था। 12 दिसंबर की रात उसने अचानक जहर का सेवन कर लिया था। यह बात घरवालों को पता चली तो उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां 14 दिसंबर की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पीएम पश्चात मंगलवार को उसका शव परिजनों को सौंप दिया। अस्पताल सहायता केंद्र की पुलिस को दिए बयान में मृत किसान के पुत्र रामजनम ने बताया कि कर्ज की राशि पटा नहीं पाने के कारण पिता टेंशन में रहते थे। इसी कारण उन्होंने जहर सेवन किया था। लोन पर लिया था ट्रैक्टर किसान के पुत्र ने बताया कि उसके पिता ने 2 साल पहले बैंक लोन पर ट्रैक्टर खरीदा था। हर 6 महीने में 63 हजार रुपए किश्त पटाना पड़ता था। 2 बार से किश्त की राशि नहीं पट पा रही थी। बैंक में किश्त की राशि 1 लाख 15 हजार बकाया थी, इसे लेकर पिता परेशान रहते थे। गौरतलब है कि इसके पूर्व बीजापुर व राजनांदगांव के किसान द्वारा भी आत्महत्या कर चुके हैं। कर्ज में डूबे किसान की जहर सेवन‌ से मौत

15 Dec 2020 12:30PM,
by: Imran Khan