24 Nov 2020

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रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित मुख्यमंत्रियों की बैठक में शामिल हुए। बैठक में विभिन्न प्रदेशों में कोरोना संक्रमण से रोकथाम और बचाव के उपायों की समीक्षा की गई और निकट भविष्य में आने वाले वैक्सिन लगाने के लिए तैयारियों और कार्य योजना पर विचार किया गया।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैठक में बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में हैं। प्रतिदिन 23 हजार टेस्टिंग की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले कोरोना का संक्रमण नही था। बाद में कुछ बढ़ा है। यहां मितानिनों ने कोरोना संक्रमण रोकथाम में अच्छा कार्य किया है। अस्पतालों में आक्सीजन की सुविधा वाले बेड और आईसीयू बेड की संख्या में वृद्धि की गई है। सभी मेडिकल कॉलेजों में आरटीपीसीआर की सुविधा है। टेस्टिंग के लिए चार नये लैब स्थापित किए गए हैं। माह अक्टूबर के बाद कोरोना के नये केसो में गिरावट हुई है। कोरोना के केसों में 50 प्रतिशत की कमी आई है। टेस्टिंग में कोई कमी नही की गई है। उन्होंने बताया कि माह जुलाई में प्रदेश में पाजिटीव केस 4 प्रतिशत थे। अगस्त में 8 प्रतिशत, सितम्बर में 15 प्रतिशत, अक्टूबर में 10.5 प्रतिशत, नवम्बर में 7 प्रतिशत मिले हैं। माह अक्टूबर- नवम्बर में मृत्युदर एक प्रतिशत रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरूआत में छत्तीसगढ़ के कोरोना के केस बहुत कम थे, लेकिन अन्य राज्यों से आने वालों के कारण संक्रमण बढ़ा।उन्होंने कहा कि अब तक 3 लाख टेस्ट हुए हैं। मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन प्लॉट लगाए जाएंगे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव आर.पी.मंडल, पुलिस महानिदेशक डी.एम.अवस्थी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मती रेणु जी पिल्ले, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला और संचालक स्वास्थ्य नीरज बंसोड उपस्थित थे।

24 Nov 2020 01:40PM,
by: Imran Khan
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धमतरी : ग्रीष्मकालीन रबी फसल (धान) लगाने सिंचाई के लिए प्रस्तावित ग्रामवार सूची जारी की गई है। कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन संभाग, कोड 90 ए.के.पालड़िया से मिली जानकारी के मुताबिक वृहद परियोजना पैरी बांयी तट मुख्य नहर प्रणाली से तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसल (धान) लगाने सिंचाई के लिए पानी देना प्रस्तावित किया गया है। इनमें मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम करेलीबड़ी में 700 हेक्टेयर, भोथीडीह 600 हेक्टेयर, ग्राम रांकाडीह में 400 हेक्टेयर, कुण्डेल में 390 हेक्टेयर, खिसोरा 280 हेक्टेयर, मोतिमपुर में 260 हेक्टेयर, हसदा में 195 हेक्टेयर, धौराभाठा में 100 हेक्टेयर, नवागांव 40 हेक्टेयर, भोथा में 20 हेक्टेयर तथा ग्राम आमाचानी में 15 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। सिंचाई के लिए पानी देने प्रस्तावित ग्रामवार सूची की गई जारी

24 Nov 2020 01:40PM,
by: Thaneshwar sahu
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धमतरी : कोविड-19 के संक्रमण के चलते वर्तमान शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान न होने पाए, इसके लिये छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा पढ़ई तुंहर दुवार कार्यक्रम चलाकर बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। जिले में इसका क्रियान्वयन भी बेहतर ढंग से हुआ, किंतु यहां के डूबान जैसे क्षेत्र में ऑनलाइन क्लास संभव नहीं है, जहां पर मोबाइल नेटवर्क की समस्या तो रहती ही है, साथ ही इस आदिवासी बाहुल्य इलाके के ग्रामीणों के पास एंड्रॉइड मोबाइल की उपलब्धता व डेटा व्यय का अतिरिक्त भार उठाने की क्षमता पालकों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में उनके लिए ऑफलाइन शिक्षा के तहत पढ़ई तुंहर पारा काफी कारगर साबित हो रहा है। डूबान क्षेत्र के शिक्षकों के साथ-साथ पालकगण भी अपनी जागरूकता का परिचय देते हुए बच्चों में शिक्षा का अलख जगा रहे हैं, जो अनुकरणीय है। यहां तक कि ग्राम की सरपंच भी बच्चों को शिक्षित करने में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर रही हैं, वहीं कुछ ऐसे पालक भी हैं जो अपनी रोजी-मजदूरी को छोड़कर बच्चों को पढ़ाने के लिए समय निकाल रहे हैं।

24 Nov 2020 01:40PM,
by: Thaneshwar sahu
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रायपुर - कांग्रेस कार्यकर्ताओं का लंबा इंतजार अब खत्म होते नजर आ रहा है। 28 नवम्बर को प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया रायपुर आ सकते हैं।उनके प्रवास के दौरान निगम- मंडलों की सूची को अंतिम रुप देने की पहल की जाएगी। साथ ही संगठन विस्तार को लेकर भी चर्चा होगी। माना जा रहा है कि दिसम्बर में संघर्ष के दिनों में कांग्रेस का साथ देने वाले सक्रिय कार्यकर्ताओं को बढ़ा तोहफा मिल सकता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस बात के संकेत दिए है,जल्द ही निगम-मंडलों की सूची जारी होगी। कांग्रेस सरकार के गठन को दो साल से अधिक समय हो गए हैं, लेकिन निगम-मंडलों और आयोग में अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है। इसे लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में निराशा है। हालांकि कांग्रेस रणनीतिकारों का कहना है, देरी सोची-समझी रणनीति के तहत की गई है, ताकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में असंतोष न बढ़े। दरअसल, निगम-मंडलों की पहली बड़ी सूची लोकसभा और नगरीय निकायों के चुनाव के बाद जारी की गई थी। दूसरी सूची के लिए मुख्यमंत्री निवास पर एक दौर की बैठक हो चुकी थी। इस बीच प्रदेश प्रभारी पुनिया को कोरोना हो गया। इसके ठीक बाद बिहार चुनाव और मरवाही उप चुनाव आ गया। इस वजह से सूची जारी करने में थोड़ी देरी ज्यादा हो गई है। फूटेगा असंतोष का गुबार सत्ता में अनुशासन का डंडा मजबूती से चलता है। इसके बाद भी कांग्रेस में कई मामलों में खुलकर असंतोष सामने आया है। खासकर नगरीय निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति, बाल महिला समिति के गठन और जेल संदर्शक सूची को लेकर सामने आया है।एल्डरमैन की नियुक्ति जकांछ से कांग्रेस से आए एक कार्यकर्ता को एल्डरमैन बनाया दिया। वहीं अन्य स्थानों पर भाजपा समर्थित विचारधारा के लोगों की नियुक्ति की खबर सामने आई है।इसे लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में आक्रोश दिखाई दे रहा है। पुनिया के सामने कार्यकर्ताओं का असंतोष भी खुलकर सामने आ सकता है। देखने मिलेगी वर्चस्व की लड़ाई माना जा रहा है, निगम-मंडलों की दूसरी सूची में वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिल सकती है। पहली सूची में मुख्यमंत्री के ज्यादा सहयोगियों को जगह नहीं मिल सकी थी।एक तरह से सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बैठाने का पूरा प्रयास किया गया था। इसके अलावा क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण के आधार पर कई लोगों के नाम कट गए थे। माना जा रहा है कि इस सूची में भी सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बैठाने का प्रयास रहेगा। यदि ऐसा होता है, तो संघर्ष के दिनों में मुख्यमंत्री बेहद करीबी लोगों को निगम-मंडलों की कुर्सी मिल सकती है।

24 Nov 2020 01:34PM,
by: Imran Khan