24 Nov 2020

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केरल में विवादास्पद पुलिस अधिनियम संशोधन क़ानून फ़िलहाल लागू नहीं होगा। लगातार हो रहे विरोध के बीच केरल सरकार ने यह फ़ैसला लिया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने इस फ़ैसले को लेकर कहा है कि, "संशोधन की घोषणा के बाद अलग-अलग धड़ों से अलग-अलग तरह के विचार आए हैं।उन लोगों ने भी चिंता जताई है जिन्होंने वाम जनतांत्रिक मोर्चे का समर्थन किया है और जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े रहे हैं। ऐसी स्थिति में क़ानून में संशोधन लाने का इरादा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि, "विधानसभा में विस्तार से इस पर चर्चा की जाएगी और फिर आगे इस संबंध में सभी दलों के विचार सुनने के बाद क़दम उठाए जाएंगे" केरल सरकार के पुलिस अधिनियम में मौजूदा संशोधन के प्रस्ताव का विपक्ष बड़े पैमाने पर विरोध कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि इस क़ानून का इस्तेमाल सरकार अभिव्यक्ति की आज़ादी छीनने,आलोचनाओं को चुप कराने और मीडिया को निशाना बनाने के लिए कर सकती है। हालांकि मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने कहा है कि इस क़ानून का इस्तेमाल किसी भी तरह से अभिव्यक्ति की आज़ादी को छीनने या निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाने में नहीं किया जाएगा। इस अध्यादेश में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने की बात कही गई है। इसमें सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से आपत्तिजनक साम्रगियों को फैलाने वालों को तीन साल की सज़ा या फिर दस हज़ार का जुर्माना या फिर दोनों सज़ाएँ एक साथ देने की बात कही गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के आईटी एक्ट की धारा 66A और केरल पुलिस एक्ट की धारा 118 (d) को निरस्त कर दिया था। केरल में अभी नहीं लागू होगा ‘विवादास्पद’ पुलिस अधिनियम संशोधन

24 Nov 2020 11:47AM,
by: Imran Khan
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कवर्धा- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में चार अज्ञात लोगों ने 14 वर्षीय आदिवासी बालिका से कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया। कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने सोमवार को बताया कि जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में बालिका से कथित बलात्कार के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिन्हा ने बताया कि बालिका ने पुलिस में शिकायत की कि बीते रविवार को जब वह अपने एक मित्र के साथ सैर पर गई थी, तब चार आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान उन्होंने बालिका के मित्र को धमकाकर वहां से भगा दिया। सिन्हा ने बताया कि बालिका की शिकायत पर सिटी कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इधर राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर अपराध पर अंकुश लगा पाने में विफल होने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार अपराध पर अंकुश लगा पाने में विफल रही है और राज्य की जनता असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

24 Nov 2020 11:47AM,
by: Imran Khan
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रायपुर : कोरोना संक्रमण के इस दूसरे दौर में फिलहाल हम सबको तीन आसान उपाय ही बचा सकते हैं। अगर ईमानदारी से इनका पालन किया जाए तो संक्रमण से बचा जा सकता है। मेकाहारा के विशेषज्ञ चिकित्सक डाॅ ओ पी सुंदरानी का मानना है कि जब डाॅक्टर आई सी यू जैसी अति संक्रमित जगह में रहकर कोरोना संक्रमितों का इलाज करते हुए भी सुरक्षित रह सकते हैं तो आम जनता आसानी से कुछ सुरक्षा उपाय अपना कर बच सकती है। इस समय भीड़ वाली जगहों से बचना, अनावश्यक लोगों से न मिलना,दो गज की सुरक्षित दूरी का पालन करना और हाथ साबुन पानी से धोते रहना अत्यंत आवश्यक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि यदि 90 प्रतिशत तक आबादी मास्क सही ढंग से नाक और मुंह ढंकने लगे तो बीमारी नही फैलेगी। अभी सामान्य सी लापरवाही भी जान पर भारी पड़ रही है।

24 Nov 2020 11:29AM,
by: Thaneshwar sahu