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भारतीय डाक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए इस वर्ष 10,000 और डाकघर खोलेगा। डाक विभाग के सचिव अमन शर्मा ने बताया कि सरकार हमें अपनी पहुंच और बढ़ाने और अधिक डाकघर खोलने के लिए कह रही है। हमें 10,000 और डाकघर खोलने की अनुमति मिली है। अमन शर्मा के मुताबिक सरकार चाहती है कि लोगों को उनके आवास के पांच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध हों। इसलिए हम और डाकघर स्थापित कर रहे हैं। ये नए डाकघर चालू वित्त वर्ष के दौरान यानी मार्च 2023 तक खोले जाएंगे, जिससे भारत में डाकघरों की कुल संख्या लगभग 1.7 लाख हो जाएगी। इसके अलावा विभाग सरकारी सेवाएं देने के लिए प्रोजेक्ट और टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रहा है। अमन शर्मा ने बताया कि सरकार ने टेक्नोलॉजी का उपयोग कर डाकघरों के आधुनिकीकरण के लिए विभाग को 5,200 करोड़ रुपये दिए हैं।

26 Aug 2022 12:53AM,
by: Imran Khan
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केमिकल इंडस्ट्री से जुड़ी एक स्मॉलकैप कंपनी अपने निवेशकों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। यह कंपनी ज्योति रेजिंस एंड एडेसिव्स है। कंपनी अपने इनवेस्टर्स को 2:1 के रेशियो में बोनस शेयर देने जा रही है। यानी, कंपनी हर 1 शेयर पर लोगों को 2 बोनस शेयर देगी। कंपनी ने बोनस शेयर की रिकॉर्ड डेट शुक्रवार 9 सितंबर 2022 फिक्स की है। ज्योति रेजिंस एंड एडेसिव्स के शेयरों ने पिछले एक साल में 330 पर्सेंट से अधिक का रिटर्न दिया है। कंपनी के शेयरों का 52 हफ्ते का लो-लेवल 743 रुपये है। 10 साल में ही 1 लाख के बना दिए 4 करोड़ रुपये से ज्यादा ज्योति रेजिंस एंड एडेसिव्स लिमिटेड के शेयरों ने पिछले कुछ साल में छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। कंपनी के शेयर 23 अगस्त 2012 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में 8.25 रुपये के स्तर पर थे। ज्योति रेजिंस एंड एडेसिव्स के शेयर 25 अगस्त 2022 को बीएसई में 3396.25 रुपये के स्तर पर बंद हुए हैं। कंपनी के शेयरों ने इस पीरियड में 35000 पर्सेंट से ज्यादा का रिटर्न दिया है। अगर किसी व्यक्ति ने 10 साल पहले कंपनी के शेयरों में 1 लाख रुपये लगाए होते और अपने निवेश को बनाए रखा होता तो मौजूदा समय में यह पैसा 4.12 करोड़ रुपये होता।

26 Aug 2022 12:53AM,
by: Imran Khan
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केंद्र सरकर ने गेहूं के आटे के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की नीति को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। सरकार की ओर से आधिकारिक बयान के मुताबिक इस फैसले के बाद आटे की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगेगा। वहीं, सबसे कमजोर तबके के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। बता दें कि रूस और यूक्रेन गेहूं के प्रमुख निर्यातक हैं, जो वैश्विक गेहूं व्यापार का लगभग एक चौथाई हिस्सा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच युद्ध की वजह से व्यापार में दिक्कतें आई हैं। वैश्विक स्तर पर आपूर्ति की कमी की वजह से भारतीय गेहूं की डिमांड बढ़ गई। नतीजतन, घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों में तेजी आई।

26 Aug 2022 12:52AM,
by: Imran Khan