देश के एक ऐसे महान शख्शियत का जन्मदिन है जिसकी मृत्यु उसी के देश के स्वार्थी तत्वों के कारण आज भी संदेहास्पद है। ये व्यक्ति चालाक घाघ राजनीतिज्ञ नहीं था।साधारण व्यक्ति थे लेकिन दृढ़ता कूट कूट भरी हुई थी। इस महान व्यक्तित्व का नाम लाल बहादुर शास्त्री है।
ताशकंद समझौते में पाकिस्तान को यह कहना कि भले ही वे समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे है लेकिन पाकिस्तान की जीती हुई भूमि दूसरा प्रधानमंत्री वापस करेगा। वे उन व्यक्तियों में शामिल नहीं हुए जो अपने देश की जमीन पर एक देश सृजित करवा दिए।
एक प्रधानमंत्री जिसे दो साल से भी कम समय मिले और इतने कम समय मे देश को युद्ध और अकाल की विभीषिका से जूझना पड़े ऐसे समय मे लाल बहादुर शास्त्री ने जो पहल किया वह आज भी याद किया जाता है। पाकिस्तान ने अचानक ही आक्रमण कर दिया। तीनो सेना के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से सलाह मांगी तो उन्होंने देश की रक्षा के लिए आदेश दिया। देश को अकाल की विभीषिका से जूझना पड़ा तो उन्होंने दिन में एक समय खाना खाने और एक समय उपवास रखने का आव्हान किया। उन्होंने कृषि सलाहकार स्वामीनाथन को मेक्सिको भेज कर कृषि वैज्ञानिक बोरलॉग से संपर्क कर उत्पादन बढ़ाने के लिए भेजा। देश की हरित क्रांति का बीज लाल बहादुर शास्त्री ने किया था। उनके कारण ही देश जो खाली कटोरा कहलाता था वह गेंहू का कटोरा कहलाने लगा। सेना और कृषि को बढ़ाने के लिए जय जवान जय किसान का नारा भी उपरोक्त दो घटनाओं के कारण उन्होंने दिया था।
बहुत कम लोगो को जानकारी होगी कि फिल्म कलाकार मनोज कुमार को कृषि पर आधारित फिल्म उपकार औऱ भगतसिंह पर बनी फिल्म शहीद का प्रस्ताव लाल बहादुर शास्त्री ने ही दिया था।
अगर वे दीर्घ अवधि तक देश के प्रधानमंत्री रहते तो देश उस समय ही विकास के पथ पर बढ़ जाता लेकिन संदेहास्पद ढंग से ताशकंद में उनकी मृत्यु हो गयी। जिसका आजतक सच सामने नहीं आया है।
आज देश के महान सपूत को याद करने का दिन है। देश के 140 करोड़ नागरिक छोटे कद के ऊंचे व्यक्तित्व को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे जय जवान-जय किसान के प्रवर्तक लाल बहादुर शास्त्री
02 Oct 2023 10:11AM, by: Babuaa Desk
कल हॉकी जगत में जो हुआ वो अविश्वसनीय औऱ अविस्मरणीय था। चना मुर्रा जैसे गोल वो भी पाकिस्तान के खिलाफ, 4 नही 5 नही 10 गोल, किसे कहते है! सच तो सच होता है और ये सच चीन के एशियाई खेल के हॉकी इवेंट्स में देखने को मिला। पिछले 10 साल में कुल 25 मैच में भारत ने 17 मैच जीते है जो ये भी इशारा करता है कि पाकिस्तान की हॉकी भी पाकिस्तान की राजनीति के समान अस्थिर हो गयी है। अविभाजित भारत के ओलंपिक खेलों में अगर किसी खेल में एकाधिकार था तो वह हॉकी खेल में था। अगले ओलंपिक खेल में जेब मे गोल्ड मेडल लेकर जाते गले मे लटका कर वापस आ जाते। मेजर ध्यानचंद जैसा जादूगर हमारे पास था। 1947 में देश की विभाजन की त्रासदी झेलना पड़ा। नए देश के रूप में पाकिस्तान ने जन्म लिया और बैठे बैठाए एक दुश्मन पड़ोस में मकान मालिक बन बैठा। विभाजन का असर हॉकी खेल पर भी पड़ा। एक दमदार प्रतिद्वंद्वी जो जन्म ले चुका था। पहले इसके चलते भारत का एकाधिकार खत्म हुआ दूसरा एस्ट्रो टर्फ के आने से औऱ तीसरा क्रिकेट की लोकप्रियता ने भारत के राष्ट्रीय खेल के परखच्चे उड़ा दिए। पाकिस्तान हॉकी का सूर्यास्त
01 Oct 2023 10:46AM,by: Babuaa Desk
देश भर में प्रथम पूज्य गणेश के स्थापना के दस दिनों बाद विसर्जन अनिवार्य प्रक्रिया है। "गणपति बप्पा मौर्या अगले बरस तू जल्दी आ" के नारे के साथ गली, मोहल्ले से छोटे,मध्यम और बड़ी मूर्तियों को तालाब- नदी में विसर्जन के लिए साज सज्जा, डीजे, बेंड बाज़ा के साथ निकल रहे है। इन जुलूसों में एक बात जो अद्भुत है और उत्साह जनक है वह है युवतियों- महिलाओं को सहभागिता। जितने उल्लास औऱ भाव भंगिमा के साथ युवक नाच रहे है उनसे कई गुना बेहतर तरीके से गानों में लगभग उन्ही स्टेप्स के साथ या उससे बेहतर ढंग से युवतियों औऱ महिलाओं का नृत्य कर रही है। ये दृश्य युवतियों- महिलाओं की एक तरह से उनके सशक्तिकरण का सार्वजनिक रूप है। नाचती युवती-महिलाएं
30 Sep 2023 01:06AM,by: Babuaa Desk
हिंदी साहित्य में मनुष्य के शरीर के अंगों के नामो में ह्रदय, विशुद्ध शब्द है।आम भाषा मे इसे "दिल" कहा जाता है। इस दिल के जतन के लिए हर साल के 29 सितम्बर को "विश्व ह्रदय दिवस" मनाया जाता है। जागरूकता वजह है। मनुष्य का दिल धड़कते रहे।उसका रक्त संचार सामान्य हो। दिल की गति 120/ 80 बनी रहे। इसके अलावा स्वस्थ दिल के लिए जो जो मापदंड है वे खरे रहे।इस कारण आज "ह्रदय" लिखना भी कठिन है सो " अंतरराष्ट्रीय दिल दिवस" है। ऐसा माना जाता है कि नशीली वस्तुओं के सेवन करने और अनुचित रुप से अनावश्यक चिंता करने से दिल पर असर पड़ता है। सलाना लगभग 16 लाख से अधिक व्यक्ति दिल के रुकने से इस दुनियां से चले जाते है। ये संख्या कम हो इसी कारण दिल का ख्याल रखने के लिए आज का दिन विशेष है। आज सभी इलेक्ट्रॉनिक औऱ प्रिंट मीडिया सहित सोशल प्लेटफार्म में दिल छाया हुआ है। दिल तो है दिल, दिल का एतबार कीजे..
29 Sep 2023 06:03AM,by: Babuaa Desk
5 दशक तक फिल्मों में टिका रहना बहुत कम नायक नायिकाओं के नसीब में आता है।वहीदा रहमान भी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की सशक्त नायिका रही है जिन्होंने ब्लेक एंड व्हाइट से कलरफुल फिल्मों के दौर में अभिनय किया वह भी ऐसा कि तब के जमाने के हर नायक उनको नायिका बनाना चाहते थे। देवआनंद तो अपने भाई विजय आनंद के विरोध के बावजूद गाइड मे वाहिदा रहमान को नायिका बनाये थे। 1957 में गुरुदत्त की फिल्म "प्यासा" से लेकर 2006 में आई फिल्म "रंग दे बसंती" तक वहीदा रहमान के अभिनय का सफर जारी रहा। वहीदा रहमान ने प्यासा, कागज के फूल, काला बाजार, चौदहवीं का चांद, साहिब बीबी औऱ गुलाम, बीस साल बाद, मुझे जीने दो, कोहरा ,तीसरी कसम जैसे ब्लेक एंड व्हाइट फिल्मों में काम करने के बाद गाइड, राम औऱ श्याम,पत्थर के सनम, आदमी, नीलकमल,ज्वेल थीफ, प्रेम पुजारी जैसे कलरफुल फिल्मों में काम किया। अपनी दूसरी पारी में वहीदा रहमान, अमिताभ बच्चन की अदालत,कभी-कभी, त्रिशूल, नमक हलाल, महान, कुली फिल्मों में माँ की भी भूमिका निभाई। उनके दीर्घ अभिनय यात्रा के योगदान के चलते वहीदा रहमान सातवी नायिका औऱ नौंवी महिला बनी है जिन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिला है। लगातार तीसरे साल नायिकाओं को ये पुरस्कार मिला है। 2020 में आशा पारेख, 2022 में रेखा और अब वहीदा रहमान को ये पुरस्कार मिलना नारी सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ता कदम भी मान सकते है। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार की शुरुवात ही नायिकाओं से हुई थी। 1969 में देविका रानी को ये पुरस्कार मिला। कानन देवी, सुलोचना औऱ दुर्गा खोटे, के बाद 42 साल तक नायिकाओं को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार नही मिलना भी आश्चर्य की बात है।
27 Sep 2023 06:03AM,by: Babuaa Desk
चीन में चल रहे एशियाई खेलो में इस बार सीमित 20 ओवर के क्रिकेट को भी खेल के रूप में शामिल किया गया था। चार महत्वपूर्ण टीम भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के अलावा 4 अन्य टीम के रूप में मलेशिया, इंडोनेशिया, हॉंगकॉंग औऱ इंडोनेशिया को स्थान मिला था। जिन्हें सीधे क्वार्टरफाइनल में चार प्रमुख देशों के साथ खेलना था। वर्षा ने भारत को एशिया में नंबर एक रैंकिंग होने का फायदा मिला। वैसे भी मलेशिया की टीम 15 ओवर में 174 रन नही बना सकती थी। सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 50 रन में समेट कर 8 विकेट से जीत हासिल की। दूसरी तरफ 2010 औऱ 2014 के एशियाड विजेता पाकिस्तान न केवल श्रीलंका से सेमीफाइनल में हारा बल्कि तीसरे स्थान के लिए बांग्लादेश से जीत न सका।। भारत के पहले दो मैच में बतौर सज़ा के रूप में निलंबित कप्तान हरमन प्रीत कौर की वापसी हुई। पहले दो मैच की विजेता कप्तान स्मृति मांधना औऱ जेमिमाह रोड्रिक्स ने महत्वपूर्ण साझेदारी कर 81 रन जोड़े इन्ही के खातिर भारत 20 ओवर में116 रन जोड़ सकी।श्रीलंका को भारतीय टीम ने शुरू से नियंत्रण में रखा था। पावर प्ले में रन ही नही रोके बलिक नवोदित तेज़ गेंदबाज साधु टेटे ने 3 विकेट लेकर श्रीलंका को दबाव में ले आयी। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गेंदबाजी औऱ फिल्डिंग में निगाहे जमाये रखी जिसके कारण श्रीलंका भारत के लक्ष्य से 19 रन पीछे रह गया। भारतीय गेंदबाज़ों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हुए भारत को गोल्ड मैडल दिला दिया। ये जीत महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है।। क्रिकेट को वैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों में कम अवसर मिले है। 1900 के ओलंपिक खेल,1998 और 2022 में राष्ट्रमंडल खेल और एशियाड खेलो में 2010 औऱ 2014 के बाद 2023 में फिर शामिल किया गया है। भारत ने इनमें भाग नही लिया था। पहली बार शामिल होकर गोल्ड मैडल जीतना बड़ी बात है। भारत की उपकप्तान स्मृति मांधना ने इस उपलब्धि को देश के राष्ट्रीय ध्वज के चढ़ने औऱ राष्ट्रीय गीत का गान से जोड़ते हुए अभिमान औऱ गर्व महसूस करने की स्वीकारोक्ति की है। आज देश इन बेटियों के प्रदर्शन से अभिभूत है।140 करोड़ बधाई भारत की क्रिकेटर बेटियों का स्वर्ण पदक।
26 Sep 2023 02:00AM,by: Babuaa Desk
हिन्दू धर्म मे मान्यता है कि एक व्यक्ति का जीवन अमूमन सौ साल का होता है। इस निर्धारित उम्र में कितनी आयु जीता है और कैसे जीता है ये बात मायने रखती है। सुख- दुख, सफलता-असफलता को जीवन मे एक सिक्के के दो पहलू माने जाते है। सुख और सफलता के समय सामंजस्य बनाये रखना साथ ही दुख - असफलता में संतुलन बनाये रखना ही मायने रखता है। देव आनंद की "गाइड" जीवन दर्शन की एक सच्ची दास्तां थी। फिल्म उद्योग में एक कलाकार ऐसा रहा जिसने इस मापदंड को जीवन भर अपनाया। ये थे धर्म देव आनंद जो फिल्मों में आये तो देव आनंद हो गए। एवरग्रीन या सदाबहार शब्द देव आनंद का पर्याय रहा। मुझे अच्छे से याद है कि एक जमाने मे इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल ब्रांच को देवानंद ब्रांच कहा जाता था याने सदाबहार ब्रांच। उम्र के उस दौर में जब नैसर्गिक शरीर के अवयव साथ छोड़ते जाते है देव आनंद कृत्रिमता को बढ़ाते गए लेकिन वे जवान दिखने के कोई भी अवसर को जाने नही दिया।आज अगर देव आनंद शारीरिक रूप से जीवित रहते तो 100 साल के हो जाते। किसी कलाकार के उम्र के बजाय उसकी सक्रियता मायने रखती है। राजकपूर,राजकुमार, राजेन्द्र कुमार दिलीप कुमार जैसे स्थापित नायकों के रहते रहते देव आनंद ने अपनी अलग जगह बनाई। ये सभी नायक देह यष्टि औऱ देखने मे साधारण थे जबकि देव आनंद निहायत खूबसूरत थे। उनके केश विन्यास, चेहरे की बनावट, बखूब थी। न्यायालय को ये टिप्पणी करना पड़ा कि देव आनंद सफेद शर्ट और काला पेंट पहन कर सार्वजनिक स्थानों में न जाये।देव आनंद, भारतीय फिल्म के पहले नायक रहे जिनकी लोकप्रियता महिलाओं में बहुत थी जो आगे चलकर राजेश खन्ना को ही नसीब हुई। हर फिक्र को धुंए में उड़ाने वाले सदाबहार- देव आनंद
26 Sep 2023 01:58AM,by: Babuaa Desk
1992 में देश मे तीन स्तर के पंचईयती राज के बिहान होइस। ग्राम पंचईयत, जनपद पंचईयत, अउ जिला पंचईयत में सरकार ह महिला मन के दरकार ल समझिस।33 प्रतिशत सीट ल आरछन कर दिस। बैइठे बैइठे देश भर के लगभग साढ़े पांच ग्राम पंचयईत में से 1 लाख 71 हज़ार आदमी मन के पंचइयत सहित हजारों जनपद पंचइयत सहित सैकड़ो जिला पंचईयत ले आदमी मन 5 साल भर बारी बारी बाहिर हो गे। अतेक बड़े जुलुम हो गे तो आदमी मन बर राजनैतिक बेरोजगारी हो गे। सावधान एसपी अवइया हे
23 Sep 2023 03:10AM,by: Babuaa Desk
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