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Infamous son of famous father" अंग्रेजी भाषा मे एक कहावत है। इसका हिंदीकरण करे तो "नामवर पिता का गुमनाम बेटा" होता है।दुनियां में हर पिता चाहता है कि वह अपने बेटे के कारण जाना जाए। अगर चाहत घोड़ा होता तो हर कोई सवार होता लेकिन ऐसा होता नही है। क्रिकेट की दुनियां में कल एक घटना घटी। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर(गूगल टाइपिंग में एक नाम डालो तो उसके पूरक शब्द दिखते है। जैसे सचिन लिखो तो पहला शब्द तेंदुलकर औऱ पायलट शब्द दिखता है, स्वाभाविक है सचिन का नाम ही बड़ा है लेकिन अर्जुन टाइप करो तो सिंह दिखता है तेंदुलकर नहीं) को कल मुम्बई इंडियन की तरफ से दो साल बाद खेलने का मौका दिया गया। अर्जुन के पिता सचिन तेंदुलकर लगभग 17 साल की उम्र में भरतीय क्रिकेट टीम के हिस्सा बन चुके थे। उनका बेटा वैसी संभावना का फिलहाल एक प्रतिशत भी प्रदर्शन नही कर पाया है। अर्जुन,"सचिन"तेंदुलकर

17 Apr 2023 10:43AM,
by: Babuaa Desk
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पिछले कुछ समय से एक परिवार राष्ट्रीय स्तर के इलेक्ट्रॉनिक औऱ प्रिंट मीडिया सहित सोशल मीडिया में सुर्खियों में है। ये परिवार है अतीक अहमद का।उत्तर प्रदेश के पुराने इलाहाबाद में राजनैतिक संरक्षण के बदौलत एक साधारण सा गुंडा असाधारण राजनीतिज्ञ बन गया था। 5 बार विधानसभा सदस्य औऱ एक बार पंडित जवाहर लाल नेहरू के संसदीय क्षेत्र फूलपुर से संसद सदस्य बनना साधारण कार्य नहीं था। आखिरकार जनता ने ही इसे चुना था। क्या ये निर्वाचन जनमत था या गुंडागर्दी का चर्मोत्कर्ष था। ये तो पुराने वक़्त की बात है। इस जनमत का प्रतिफल क्या मिला था अतीक अहमद को ? 11 सौ करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति।  अति अतीक के बहाने

14 Apr 2023 04:43PM,
by: Babuaa Desk