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जीवन है तो मरण भी है। अनिश्चित जीवन का निश्चित अंत, आने के बाद जाने का कोई वक़्त तय नहीं है। यही अनिश्चितता जीवन को बेफिक्र बनाती है। जीवन मृत्यु के बीच के सफर में न जाने कितने अरब लोगो मे से रोज यहां से चले जाते है हमे वो लोग ही ज्ञात होते है जिन्हें हम जानते है। परिवार के सदस्य, मित्र, सहकर्मी से बड़ी दुनियां नहीं होती है। एक औऱ वर्ग होता है जो हमे नही जानता है लेकिन हम इन्हें जानते है। ये पब्लिक फिगर कहलाते है। वही लोग पब्लिक फिगर बनते है जो जीवन मे चुनोतियों को स्वीकार करते है। असफलता, उन्हें ऊर्जा देती है और संघर्ष उनके साथी होते है। ऐसे ही सख्सियत थे -सतीश कौशिक।  साधारण सतीश से असाधारण सतीश कौशिक

10 Mar 2023 05:50AM,
by: Babuaa Desk
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आज के फुटबॉल दुनियां में मैसी, रोनाल्डो,नेमार का नाम चल रहा है। कल के फुटबॉल की दुनियां में स्टेबिले, लियोनिदास, पेले, प्लातिनी,माराडोना, रोनाल्डो रेनाल्डिहो के नाम चलते थे लेकिन ये सभी खिलाड़ी एक तरफ और फ्रांस के जस्ट फांटेन एक तरफ ।
 1930 से लेकर 2022 तक फीफा कप के 22 आयोजन में कोई भी खिलाड़ी फीफा के एक आयोजन में  व्यक्तिगत रूप से उतने गोल नहीं कर सका है जितना जस्ट फांटेन ने किया है। फ्रांस का ये महान फारवर्ड फुटबॉलर 1958 के  फीफा आयोजन का ऐसा हीरो बना कि उसके जीते जी पेले,माराडोना रोनाल्डो मुलर, मैसी  नेमार ,जैसा फॉरवर्ड भी  एक ही फीफा आयोजन में सर्वाधिक 13 व्यक्तिगत गोल के रिकार्ड को छू नहीं सके।
 फ्रांस, फुटबॉल जगत मे सशक्त टीम मानी जाती है। 1958 में जब जस्ट फांटेन का जादू चल रहा था तब भी तीसरे स्थान पर रही थी। फ्रांस की टीम ने 1958 के आयोजन में 6 मैच खेले थे। सभी मैच में फांटेन ने गोल दागा था। ये काम भी बड़ा मुश्किल का होता है कि हर मैच में गोल एक खिलाड़ी ही कर पाए। जस्ट फांटेन ने ये काम भी किया।  जस्ट फांटेन ने पेराग्वे के खिलाफ हैट्रिक लगाया, यूगोस्लाविया के विरुद्ध 2गोल, स्कॉटलैंड  के गोल पोस्ट पर 1, नॉर्थन आयरलैंड के विरुद्ध2 गोल, सेमीफाइनल में ब्राज़ील के खिलाफ 1 औऱ हार्ड लाइनर मैच में जर्मनी के  गोलकीपर को 4 बार छका कर 4 गोल किये। जस्ट फांटेन ने कुल 13 गोल किये जो 1958 से लेकर 2022 तक तो कोई भी खिलाड़ी तोड़ नही सका। फीफा के इतिहास में जस्ट फांटेन को छोड़कर  केवल दो फुटबॉलर   दहाई गोल कर पाए है। ये पोलैंड के कोक्सिस(1950) -11 गोल औऱ  जर्मनी के गर्ड मुलर (1970)- 10गोल है।
 जस्ट फांटेन केवल 28 साल तक ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खेल सके और चोट के कारण संन्यास ले लिया।  आज तड़के जस्ट फांटेन की लंबी सीटी बज गई। उनके जीवन का मैच 89 साल फुटबॉल के 90 मिनट के काल से एक मिनट कम में खत्म हो गया। 2026 में फांटेन  आसमान से देखेंगे कि कौन 13 से अधिक गोल एक फीफा आयोजन में करता है।  जिस प्रकार से सुरक्षात्मक फुटबॉल का दौर चल रहा है उसे देखते 13 का आंकड़ा कठिन लक्ष्य है।

02 Mar 2023 10:32AM,
by: Babuaa Desk
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देश की आज़ादी में यू तो अनेक महान योद्धाओं ने अपना सर्वस्व लुटा दिया उनमें से सुभाषचंद्र बोस, चन्द्र शेखर आज़ाद, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव का नाम से प्रमुखता से लिया जाता है। सुभाषचंद्र बोस का रास्ता अलग था लेकिन उद्देश्य सभी के समान थे। चंद्रशेखर आजाद दूसरे समूह के सबसे बड़े नाम थे जिनके साथ देश भर क्रांतिकारी लोग जुड़े हुए थे। पंडित परिवार में जन्म लिए आज़ाद तुलसीदास के एक दोहे में अपना समग्र बना कर चले कि "भय बिन प्रीत न होय गोसाई" उनका भय इतना हुआ करता था कि अगर धोखे से कोई अंग्रेज सिपाही उनसे नाम पूछ लें और आज़ाद सच बता दे तो पेंट गीली हो जाती थी। उनके जीवित होने पर डर की बात छोड़ दे उनके द्वारा खुद को गोली मार लेने के बाद भी डरपोक अंग्रेजो ने 40 गोली अतिरिक्त रूप से चलाई थी।  आज़ादी के जश्न के पीछे के आज़ाद

27 Feb 2023 06:40AM,
by: Babuaa Desk