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भारत की अधिकांश जनसंख्या के पास अब तो मनोरंजन के अनेकानेक विकल्प आ गए है। कोरोना के चलते मनोरंजन का मुख्य साधन सिनेमा हॉल से फिल्में भी निकल कर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखने लगी है। अब केवल हिंदी फिल्म ही मनोरंजन का इकलौता साधन नही रह गयी है। शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने से 2005 से बहुत बड़ा तबका जिसे हिंदी कठिन लगने लगी है वे अब मनोरंजन के लिए हिंदी के बजाय अंग्रेजी भाषा की फिल्में(गाना रहित) और धारावाहिक देखना पसंद करते है। इसके बावजूद हिंदी भाषी क्षेत्र में हिंदी फिल्में देखने वालों की संख्या बहुत है जो किसी फिल्म को100 करोड़ की आय वाले क्लब से लेकर चार अंको की संख्या तक आय दिला सकते है। हाल ही दक्षिण की फिल्में इस बात का प्रमाण है कि दमदार कहानी, अभिनय, और भव्यता हो तो धूम मच सकता है। फिल्म और बहिष्कार

09 Aug 2022 07:29AM,
by: Babuaa Desk
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देश मे महिला बॉक्सिंग में एक ही नाम 2021 तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाया हुआ था, ये नाम मेरी कॉम का है। स्वाभाविक है कि जिस महिला ने विश्व बॉक्सिंग में अनेकों बार देश का नाम रोशन किया हुआ हो उसके सामने और कोई नाम रोशन हो असंभव तो नही था लेकिन आसान भी नही था। पिछले ओलंपिक खेलों में मेरी कॉम को एक बॉक्सर ने चेलेंज किया था कि वे भी दम रखती है और उनकी भी दावेदारी को अनदेखा न कर मौका दिया जाए। तब मेरीकॉम ने पूछा था"ये निखत जरीन कौन है?"। मौक़ा मिला भी लेकिन मेरी कॉम को चुनौती देना आसान काम साबित नही हुआ और ये बॉक्सर हार गई। हार को चुनोती के रूप में स्वीकारने की कला सीखने के लिए इस बॉक्सर का नाम भी है- निखत जरीन निखत जरीन कौन है?

08 Aug 2022 07:02AM,
by: Babuaa Desk
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किशोर कुमार के बारे में इस देश की चार पीढ़ी इतना जानती है कि उनके बारे में बताने का मतलब केवल बातों की पुनरावृत्ति ही हो सकती है। एकदो बात जो उनको एक अलग किशोर कुमार बनाती है पहली ये कि मूलतः राग पकड़ कर गाने वालो मे से नहीं थे। जब भी कोई एक गाना महिला पार्श्व गायिका गाती तब किशोर कुमार पहले रिकार्डिंग नही कराते थे। ऐसा ही वाक्या हुआ जब राजेश खन्ना और हेमा मालिनी अभिनीत "महबूबा" फिल्म में आनंद बक्शी द्वारा लिखा गया गाना- मेरे नैना सावन भादो गाने की बारी हुई। किशोर को पता था कि आनंद बक्शी ने खूब मेहनत कर लिखा है जिसमे आरोह और अवरोह की भरमार है। किशोर ने पहले लता मंगेशकर से गाने को रिकार्ड करने के लिए कहा। जब लता मंगेशकर ने रिकार्डिंग करवा लिया तब किशोर कुमार ने ध्यान से सुना। कुछ दिन बाद किशोर ने भी रिकार्डिंग करवा ली। श्रोताओं तक एक ही गाना दो आवाज़ों में पहुँचा तो लता से बेहतर स्थान पर किशोर थे। बाद में पूछा गया तो किशोर ने स्वीकार किया कि लता मंगेशकर के गाने के बाद उनका काम आसान हो गया था। वे गाने के सारे उतार चढ़ाव को पकड़ बेहतर गा लिए। मेरे नैना सावन भादो- और किशोर कुमार

04 Aug 2022 06:53AM,
by: Babuaa Desk